धरातल पर दम तोड़ रहे श्रमिक कल्याण के दावे, आधे कर्मचारियों के पास भी नहीं है ESIC card

धरातल पर दम तोड़ रहे श्रमिक कल्याण के दावे, आधे कर्मचारियों के पास भी नहीं है ESIC card

Harshwardhan Singh Bhati | Updated: 04 Jun 2019, 02:07:17 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

पैसे बचाने के चक्कर में नियोक्ता नहीं बनाते इएसआई कार्ड

 

अरविंद सिंह राजपुरोहित/जोधपुर. भले ही सरकार श्रमिकों के कल्याण के लाख दावे करें, लेकिन धरातल पर यह दावे दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले में कार्य करने वाले 70 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों के पास इएसआई कार्ड ही नहीं है। जबकि यहां 4 लाख से अधिक कर्मचारी विभिन्न जगहों पर कार्य करते हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 1948 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी ऐसे गैर सरकारी संगठन जहां 10 या इससे अधिक संख्या में कर्मचारी काम करते हैं वहां कर्मचारियों के लिए रोजगार देने वाले नियोजक की ओर से इएसआई कार्ड बनाना अनिवार्य है, लेकिन कई ऐसे नियोजक है जो इन नियमों का पालन ही नहीं कर रहे हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों, पैट्रोल पम्प सहित अन्य निजी क्षेत्रों में कार्य कर जीवन यापन करने वाले कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआई) की विभिन्न योजनाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। रोजगार देने वाले नियोक्ता की ओर से पैसे बचाने व कर्मचारियों में भी जागरुकता नहीं होने से उनके इएसआई कार्ड ही नहीं बनाए जा रहे हैं।


अभी इतने हैं कार्ड

डिस्पेंसरी

1 मेडिकल चौराहा- 11,643
2. डिस्पेंसरी नंबर दो - 16,718
3. बासनी- 19,471
4. कमला नेहरु नगर- 9366
5. बोरानाडा- 7,035

अन्य- 7,471
कुल- 71, 704

अन्य जिलों में भी यही हाल
जोधपुर ही नहीं बल्कि अन्य जिलों की बात की जाए तो यहां भी यही हाल दिखाई दे रहा है। इन आंकड़ों में बालोतरा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, पाली, सिरोही, जैसलमेर को भी मिला दिया जाए तो यह आंकड़ा 1 लाख 17 हजार 452 तक ही पहुंचता है। जबकि इन जिलों व कस्बों में भी बड़ी संख्या में उद्योग व अन्य निजी व्यावसायिक संस्थान स्थापित है।

जबकि इतने हैं उद्योग

उद्योगों की संख्या- 4 से 5 हजार
निजी शैक्षणिक संस्थान - 800 से 900
पैट्रोल पम्प- 125 से 150
बैंकिंग सेवा संस्थान- 60 से 70
अन्य उद्योग- 2 से 3 हजार

इसलिए नहंी बनाते हैं कार्ड
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के वर्तमान नियमों के अनुसार प्रति माह न्यूनतम मजदूरी से 21 हजार रुपए तक का वेतन पाने वाले कर्मचारी इएसआई के लाभ पाने के हकदार है। इनमें औद्योगिक इकाइयां, व्यवसायिक संस्थान, पेट्रोल पम्प, निजी बैंक, निजी शिक्षण संस्थान, पापड़ उद्योग, किराणा, सिनेमा, थिएटर, रेस्टोरेंट, होटल, दुकानें शामिल हैं। कार्य करने वाले श्रमिक के मासिक वेतन से 1.75 प्रतिशत व रोजगार देने वाले नियोक्ता की ओर से कर्मचारी के मासिक वेतन का 4.75 प्रतिशत अंशदान के रुप में कर्मचारी राज्य बीमा निगम को जमा करवाना आवश्यक है, लेकिन नियोजक चंद पैसे बचाने के चलते कर्मचारियों का कार्ड नहीं बनाते हैं। वहीं कार्ड की मांग करने पर कर्मचारी को कार्य से भी हटा दिया जाता है।

ईंएसआई कार्ड के फायदे

-टाईअप निजी एवं सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क चिकित्सा लाभ
-अपंगता हो जाने पर मासिक पेंशन
-बेरोजगारी भत्ता
-प्रसूति व्यय
-अंत्येष्टि व्यय

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