विश्व मलेरिया डे विशेष : मलेरिया से जोधपुर. में 17 साल में एक भी मौत नहीं

विश्व मलेरिया डे विशेष : मलेरिया से जोधपुर. में 17 साल में एक भी मौत नहीं हुई।

By: M I Zahir

Published: 25 Apr 2018, 07:00 AM IST

जोधपुर . कभी जानलेवा बीमारियों में शुमार की जाने वाली बीमारी मलेरिया का डंक अब असरदार नहीं रहा। पिछले 17 साल के दौरान इसकी चपेट में आने से जोधपुर जिले में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। इतना ही नहीं, साल-दर-साल मलेरिया ग्रस्त मरीजों के आंकड़ों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे बात चौंकाने बात तो यह है कि पिछले 17 सालों में प्राणघातक मलेरिया पीएफ (प्लाज्‍मोडियम फैल्सीपेरम) के महज 872 मरीज ही सामने आए हैं। जबकि इनमें से १७ मरीज तो एेसे हैं, जिनमें मलेरिया पीएफ (प्लाज्‍मोडियम फैल्सीपेरम) और मलेरिया (प्लाज्‍मोडियम वीवैक्स) दोनों ही लक्षण पाए गए हैं।

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मलेरिया दिवस की शुरुआत

विश्व मलेरिया दिवस पहली बार 25 अप्रेल 2008 को मनाया गया था। यूनिसेफ़ की ओर से यह दिन मनाने का उद्देश्य जनता का ध्यान मलेरिया जैसे ख़तरनाक रोग पर केंद्रित करना था। इससे हर साल लाखों लोग मरते हैं। इस मुद्दे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम चलाने से बहुत सी जानें बचाई जा सकती हैं।


17 साल में सर्वे से 705 रोगी ही आए सामने

पिछले 17 सालों में मलेरिया को लेकर चलाए गए जागरूकता अभियान में चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर -घर जा कर सर्वे किया। इसमें महज 705 मरीज ही मलेरिया से ग्रस्त पाए गए। जबकि घर-घर सैम्पलिंग में लगभग 10 हजार 292 मरीजों में मलेरिया होने की पुष्टि हुई। वहीं लगभग 40 हजार 435 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि अस्पताल में रक्त जांच के दौरान हुई।
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इस साल 10 मरीजों में हुई पुष्टि
साल 2018 के शुरुआती दौर में ही मरीजों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है। जनवरी से अप्रेल तक केवल 10 मरीज ही सामने आए हैं। इनमें से ६ मरीज मलेरिया पीवी और 4 मलेरिया पीएफ के लक्षण पाए गए हैं।

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16 दिन में 5 लाख 82 हजार घरों में पहुंची टीम

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की टीमों ने 21 मार्च से 5 अप्रेल तक पांच लाख 82 हजार 689 घरों का सर्वे किया। करीब 16 दिन चले इस अभियान में बुखार के 14 हजार 97 मरीज सामने आए। सर्वे टीमों ने 14 हजार 591 लोगों के ब्लड सैम्पल लिए। इनमें से एक भी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहींं हुई।
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मरीजों की संख्या में गिरावट
मलेरिया के मरीजों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले 17 सालों में मलेरिया से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। हाल ही में घर-घर सर्वे भी करवाया गया। इसमें भी मलेरिया का कोई रोगी सामने नहीं आया।

-डॉ.एसएस चौधरी
सीएमएचओ, जोधपुर

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