शासन से किसानों को धान उत्पादन प्रोत्साहनलिए मिले 10 लाख, सीएम विकास यात्रा में कर दिए खर्च

शासन से किसानों को धान उत्पादन प्रोत्साहनलिए मिले 10 लाख, सीएम विकास यात्रा में कर दिए खर्च

Deepak Sahu | Publish: Sep, 07 2018 08:00:00 PM (IST) Kanker, Chhattisgarh, India

किसानों को प्रोत्साहन के लिए मिलने वाली अनुदान की राशि को स्वयं खर्च नहीं कर लोक निर्माण विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी का फाइनेंसर बन कर खर्च कर दिया

कांकेर. शासन से किसानों को धान उत्पादन प्रोत्साहन योजना के लिए मिले 10 लाख रुपए को कृषि विभाग ने भानुप्रतापपुर में धान बोनत त्योहार मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री के माइक सेट, विद्युतीकरण और विकास यात्रा के दौरान रोड-शो एवं आम जनता को पानी पिलाने में उड़ा दिया है। किसानों को प्रोत्साहन के लिए मिलने वाली अनुदान की राशि को स्वयं खर्च नहीं कर लोक निर्माण विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी का फाइनेंसर बन कर खर्च कर दिया है। यह खुलासा सूचना के अधिकार में मिली जानकारी से हुआ है।

छग. शासन से 13 सितंबर-2018 को धान उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत एक पत्र जारी किया गया था। पत्र में कृषक सम्मेलन के आयोजन के लिए उन जिलों को 10-10 लाख रुपए प्रोत्साहन देने का आदेश जारी किया गया था जिन जिलों में 40 हजार से अधिक किसानों ने खरीफ सीजन 2016 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किए थे। कांकेर जिले को भी इसी तरह धान उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत शासन से 10 लाख रुपए प्राप्त हुआ था। उक्त राशि को कृषि विभाग उप संचालक ने किसानों को प्रोत्साहन देने के बजाय लोक निर्माण विभाग जगदलपुर संभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कांकेर को अनुदान में दे दिया और अपनी जिम्मेदारी से पल्लाझाड़ लिए।

उक्त 10 लाख राशि प्राप्त करने के बाद लोक निर्माण विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अफसरों ने किसानों को प्रोत्साहन देने के बजाय भानुप्रतापपुर में धान बोनस तिहार में मई माह में आए मुख्यमंत्री और विकाय यात्रा में सीएम के रोड शो एवं भीड़ को पानी पिलाने में उड़ा दिया है। यानी किसानों को प्रोत्साहन के तौर पर मिलने वाली राशि को मुख्यमंत्री विकास यात्रा में खर्च कर दिया गया है। प्रदेश सरकार के विकास का यह आइना सूचना के अधिकार में मिले दस्तावेजों से खुलासा हुआ है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा कि किसानों की धान प्रोत्साहन राशि को विकास यात्रा में खर्च करने का आदेश किसने जारी किया।

पीडब्ल्यूडी विभाग ने माइक-विद्युतीकरण में उड़ाया
कृषि विभाग के उप संचालक ने 5.65 लाख रुपए चेक क्रमांक संख्या 836056 को 5 जुलाई 2018 को लोक निर्माण विभाग जगदलपुर शाखा के नाम पर काटा है। उक्त राशि का भुगतान मई माह में कांकेर-भानुप्र्रतापपुर में धान बोनस तिहार कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री के माइक सेट एवं विद्युतीकरण में खर्च राशि के नाम पर दिया गया है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भानुप्रतापपुर में 14 मई को हुआ था और कृषि विभाग के उप संचालक ने चेक के माध्यम से 5.65 लाख रुपए पांच जुलाई 2018 को जारी किया है। यानी किसानों को प्रोत्साहन यानी अनुदान राशि को मुख्यमंत्री के विकास यात्रा में अफसरों ने खर्च कर दिया है।

पीएचई विभाग ने 4.35 लाख का पिलाया पानी
कृषि विभाग स्वयं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का फाइनेंसर बन गया है। किसानों के प्रोत्साहन के लिए मिले 10 लाख रुपए में से 4.35 लाख रुपए उप संचालक ने पीएचई को 27 जुलाई 2018 को चेक क्रमांक 836059 जारी किया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अफसरों ने विकास यात्रा में निकले मुख्यमंत्री की आमसभा, रोड शो, पेयजल व्यवस्था आदि में पूरी राशि खर्च कर दिया है। यानी बजट किसानों को प्रोत्साहन के तौर पर अनुदान देने का और जिम्मेदारों ने सीएम के आगमन पर उड़ा दिया है। इस संबंध में किसानों ने कहा कि प्रदेश सरकार का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है।

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