आधार कार्ड हुआ नॉन एक्टिव, हजारों मजदूरों की चार करोड़ की मजदूरी एफटीओ में फंसी

आधार कार्ड नान एक्टिव होने से मनरेगा मजदूरों की चार करोड़ से अधिक की मजदूरी एफटीओ के चक्कर में फंस गई है।

By: Deepak Sahu

Published: 04 Jul 2018, 01:31 PM IST

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आधार कार्ड नान एक्टिव होने से मनरेगा मजदूरों की चार करोड़ से अधिक की मजदूरी एफटीओ के चक्कर में फंस गई है। वित्तीय वर्ष-2017-18 की मजदूरी के लिए हजारों मजदूर कभी जनपद तो कभी जिला पंचायत का चक्कर लगा रहे हैं। एफटीओ के माध्यम से ऑनलाइन मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान में पेंच फंस जाने से बैंक खाता से आधार लिंक हटाया जा रहा है।

हजारों मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते में नहीं पहुंची मजदूरी
शासन के दिशा निर्देश के आधार पर मनरेगा मजदूरों को 15 दिन के अंदर बैंक खाता में भुगतान करना अनिवार्य है। तमाम नियम कानून और तामझाम के बाद भी मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान की व्यवस्था पुराने ढर्रे पर चल पड़ी है। विभाग के जिम्मेदारों ने पहले मनरेगा मजदूरों को अपना-अपना आधार बैंक खाता से लिंक कराने फरमान जारी किया। गरीब मजदूर विभिन्न सेंटरों पर नकद पैसा देकर अपने-अपने बैंक खाता को आधार से लिंक करा दिए। करीब 6 माह बाद भी हजारों मनरेगा मजदूरों के बैंक खाता में मजदूरी नहीं पहुंची तो अब हो-हल्ला मचा है।

आधार कार्ड नॉन एक्टिव बता दिया गया
मनरेगा शाखा से राशि मजदूरों के खाता में नहीं जाने पर मजदूरों के आधार कार्ड को नॉन एक्टिव बता दिया गया। पत्रिका टीम ने इस संबंध में पड़ताल किया तो जानकारी मिली की बैंक खाता की तरह आधार कार्ड नान एक्टिव हो जाता है। आधार कार्ड एक्टिव नहीं होने से हजारों मजदूरों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। एफटीओ के माध्यम से मजदूरों के खाता में पैसा नहीं पहुंचने से संकट खड़ा हो गया है। यानी आधार कार्ड एक समस्या बन गया है। कभी ऑनलाइन लिंक कराना तो कभी बंद करना मजदूरों के समक्ष परेशानी खड़ी कर दिया है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन भुगतान की तमाम कोशिशों के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है। मनरेगा शाखा अब पुराने ढर्रे पर मजदूरों का भुगतान करेगा।

री-जनरेट कर एक करोड़ का भुगतान
एफटीओ के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी खाता में नहीं पहुंची तो सैकड़ों मजदूरों का बैंक खाता आधार लिंक बंद कर दिया गया। बैंक खाता से आधार लिंक हटाने के बाद ही मजदूरोंं के खाता में मजदूरी भेजी जा रही है। मनरेगा शाखा के जिम्मेदार भी आधार लिंक एवं नान लिंक कराने परेशान है। वहीं, मजदूरों को मजदूरी के लिए चक्कर लागाना पड़ रहा है। विभागीय शाखा की लापरवाही से मनरेगा मजदूरों को बार-बार दौड़ लगानी पड़ रही है। विभागीय लापरवाही से 6 माह से हजारों मजदूर अपनी मेहनत की राशि पाने के लिए भटक रहे हैं। पहले बैंक खाता नान एक्टिव का बहाना बनाकर मजदूरी भुगतान में देर की जाती थी। अब आधार नान एक्टिव बताकर मजदूरों को खाता से लिंक हटाने परेशान किया जा रहा है।

मनरेगा शाखा प्रभारी, रितू कोसरिया ने बताया आधार कार्ड नान एक्टिव होने के कारण करीब 4 करोड़ रुपए मनरेगा मजदूरी का भुगतान ऑनलाइन नहीं हो पाया है। मजदूरों के बैंक खाता से आधार लिंक हटाया जा रहा है। खाता री-जनरेट कर एक करोड़ का भुगतान कराया गया है। अन्य मनरेगा मजदूरों के बैंक खाता को आधार लिंक खत्म करने के बाद मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।

Deepak Sahu
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