स्वच्छता मिशन के लिए मिली राशि को अफसरों ने लोक सुराज में किया खर्च, हुआ खुलासा

स्वच्छता मिशन के लिए मिली राशि को अफसरों ने लोक सुराज में किया खर्च, हुआ खुलासा

Bhawna Chaudhary | Updated: 14 Apr 2019, 10:00:00 PM (IST) Kanker, Kanker, Chhattisgarh, India

जिला स्वच्छ भारत मिशन के लिए शासन से मिली लाखों की राशि अफसरों ने लोकसुराज अभियन में उड़ा दी है।

कांकेर. जिला स्वच्छ भारत मिशन के लिए शासन से मिली लाखों की राशि अफसरों ने लोकसुराज अभियन में उड़ा दी है। लोकसुराज में वाहनों के नाम और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी तैयार के एवज में बंदरबांट का मामला सामने आ रहा है। जबकि केंद्र से मिली राशि को किसी अन्य मद में खर्च करने का प्रावधान नहीं था। नियम कानून को ताक पर रख स्वच्छता मिशन में जिम्मेदारी संभाल रहे पदाधिकारियों ने अपनी सुविधानुसार राशि को उड़ा दी है। यह खुलासा सूचना के अधिकार के दस्तावेजों से हुआ है।

शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरुकता अभियान जिला पंचायत की ओर से चलाया जाना था। जन जागरुकता अभियान के लिए लाखों का बजट भी मिला था। उक्त राशि को स्वच्छ भारत अभियान में खर्च की जानी थी। योजना के आधार पर शौचालय एवं जागरुकता के लिए राशि मिली मिली थी। जिला पंचायत के अफसरों ने स्वच्छ भारत अभियान के लिए मिली लाखों की राशि लोकसुराज भ्रमण में अपनी-अपनी सुविधा में खर्च कर दी।

नगर के एक सर्विस सेंटर के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया है। राज्य स्तरीय प्रदर्शन में फ्लैक्सी के एवज में भी लाखों का बंदरबांट किया गया है। छग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नाम बोलेरो क्रमांक सीजी 02-2941 में नया टायर ट्यूब पर 24 हजार 376 का उपयोग कर दिया गया है। योजनाओं के निरीक्षण पर लाखों रुपए पानी की तरह से बहाया गया है। मुख्यमंत्री के आगमन पर टेंट और डेकोरशन में भी लाखों रुपए स्वच्छ भारत मिशन की राशि को उड़ा दिया गया है। राज्योत्सव में भी इस तरह से मनमनी ढंग से पैसे की बंदरबांट की गई है।

अफसरों ने इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 19 बीडी 3329 को तीन माह तक किराए में उपयोग कर ९९ हजार रुपए का भुगतान कर दिया है। दुर्गूकोंदल में वाहन व्यय पर बड़े पैमाने पर भी राशि खर्च किया गया है। जबकि यह राशि स्वच्छ भारत योजना के तहत जन जागरुकता और शौचालय के मॉनिटरिंग पर खर्च किया जाना था। अफसरोंं ने नियम काननू को ठेंगा दिखाकर मनमानी ढंग से शासकीय धन का बटवारा किया है। अब ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि दूसरे मद की राशि को अन्य योजनाओं में कैसे खर्च कर दिया गया।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned