हल्की बारिश में ही गिर पड़ा ग्रामीणों का सहारा, शासन नहीं कर रहा कोई मदद

शासन से मदद नहीं मिलने पर ग्रामीण स्वयं आपसी सहयोग कर लकड़ी का पुल बनाकर आवागमन कर रहे थे।

By: Deepak Sahu

Published: 07 Jun 2018, 04:32 PM IST

कांकेर. छत्तीसगढ़ के अतिसंवेदनशील क्षेत्र कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कडमें के आश्रित ग्राम कतरू कुरूपबोड़ी के ग्रामीण आज भी सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही है। शासन से मदद नहीं मिलने पर ग्रामीण स्वयं आपसी सहयोग कर लकड़ी का पुल बनाकर आवागमन कर रहे थे। पांच दिनों पहले आई तेज हवा तूफान व बारिश से ग्रामीणों द्वारा बनाई गई पुलिया भी बह गया।

ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई
अब विकासखंड मुख्यालय सहित अन्य ग्रामों में जाने के लिए ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। लोग जरूरी काम से नदी में अपनी जान खतरे में डालकर जाते है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कडमें जाने वाली नदी में पुल नहीं होने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश के दिनों में उनका मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों ने पुलिया बनाने की मांग कई बार कर चुके हैं, बावजूद इस ओर किसी प्रकार की पहल नहीं हो रही है।

ग्रामीण पुसकसा नदी पर लकड़ी का 30 मीटर पुल बनाकर आनाजाना कर रहे थे। ग्रामीणों ने करीब 30 हजार रुपए चंदा एकत्र कर पुल बनाने में लगाए थे। एक जून को अचानक आए हवा तूफान और बारिश से उक्त लकड़ी की पुलिया बह गया है। अब ग्रामीण नदी को पैदल पार कर आना जाना कर रहे है । अधिक पानी रहने से आवागमन अवरूध हो जाता है।

इन गांव के लोगों को होती है परेशानी
कोयलीबेड़ा विकासखंड के 12 ग्राम के ग्रामीणों का रास्ता यही है। इस मार्ग में लोग आने जाने के लिए इस्तेमाल करते है। कोयलीबेड़ा मुख्यालय तक पहुंचने के लिए ग्राम पंचायत आलदंड, पानी डोबिर, गुड़ाबेड़ा, केसेकोड़ी, कामतेड़ा का रास्ता मेढ़की नदी के अलावा रास्ते में पडऩे वाले नाले रोक देते है। इसी तरह चारगांव पेरोंडी, कड़मे, दड़वी, व छोटेबोदेली का रास्ता चारगांव नदी व अन्य नाले तथा कौड़ो साल्हेभाट व उदनपुर का रास्ता जीरम तरई नाला रोक देता है।

Deepak Sahu
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