बैंक अफसरों ने कृषक सम्मेलन में केसीसी ऋण के लिए किसानों को दी जानकारी

केसीसी के साथ अन्य योजनाओं के तहत ऋण वितरण योजनाओं की जानकारी किसानों को स्टेट बैंक के अधिकारियों ने विस्तार से दी।

By: Deepak Sahu

Published: 30 Dec 2018, 11:27 AM IST

कांकेर. छत्तीसगढ़ में कृषक सम्मेलन में शनिवार को केसीसी के साथ अन्य योजनाओं के तहत ऋण वितरण योजनाओं की जानकारी किसानों को स्टेट बैंक के अधिकारियों ने विस्तार से दी। बैंक अधिकारियों ने कहा कि प्रथम बार किसानों को केसीसी पर 7 प्रतिशत तो दूसरी साल से मात्र 4 प्रतिशत ब्याज ही पटाना पड़ेगा। गोल्ड लोन पर 9.50 प्रतिशत तो तीन लाख से अधिक के ऋण पर 11.50 प्रतिशत ब्याज किसानों देना पड़ेगा। कृषि से संबंधित ऋण के लिए पट्टा संबंधि सभी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य किया गया है।

स्टेट बैंक की मुख्य शाखा की पहल पर कृषक सम्मेलन का आयोजन शनिवार को किया गया। बैंक मैनेजर सुहाष कलमकर ने बताया कि किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं कम ब्याज दर पर संचालित हो रही हैं। केसीसी योजना के तहत किसानों को तीन लाख तक ऋण मिलेगा। प्रथम साल पर 7 प्रतिशत ब्याज तो दूसरे साल से नियमित रहने पर किसानों को मात्र 4 प्रतिशत ब्याज लगेगा। किसानों को कृषि गोल्ड लोन की सुविधा अब मिलेगी। इस लोन से किसानों को जहां बिचौलियों से राहत मिलेगी, वहीं 9.50 प्रतिशत के ब्याज पर यह ऋण मिलेगा।

अन्य योजना के तहत डेयरी पालन, पोल्ट्री फार्म, टैक्टर के लिए बैंक 11.50 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देगा। बैंक अधिकारी अमित कुमार कुंजाम ने बताया कि किसानों को कृषि गोल्ड लोन के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। जिले की मुख्य शाखा में किसानों को इसकी सुविधा मिलेगी। बाजार-भाव की दर पर किसानों को ऋण राशि मिलेगी।

मंडावी ने कहा इंश्योरेंश अनिवार्य
सहायक शाखा प्रभारी सुषमा मंडावी ने कहा कि किसानों को खेती के लिए केसीसी के साथ इंश्योरेंश पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसे फसल नुकसान होने पर किसानों को लाभ मिलेगा उसी तरह से किसान को भी अपना इंश्योरेंश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक की ओर से एग्री गोल्ड लोन, स्त्री शक्ति टैक्टर ऋण, मधुमक्खी पालन, निजी गोदाम, पॉली हाउस, नेट और ग्रीन हाउस योजना में किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों के लिए अन्य योजना भी संचालित हो रही है।

एटीएम से भी ऋण राशि निकाल सकता है किसान
किसान के्रडिट कार्ड से किसान एटीएम से अपने ऋण की राशि को प्राप्त कर सकता है। शाखा प्रबंधक ने बताया कि किसानों को अधिक से अधिक सुविधा के लिए अलग-अलग योजनाओं के तरह ऋण दिया जा रहा है। एसेट बैक्ड एग्री लोन में किसानों को तीन लाख से दो करोड़ तक ऋण देने का प्रावधान किया गया है। कृषि की उच्च तकनीकी विधि के लिए दो करोड़ के ऋण के लिए किसान को न्यूनतम 15 प्रतिशत अंशदान राशि जमा करना पड़ेगा, तभी बड़े ऋण के लिए सुविधाएं मिलेगी।

अन्य बैंकों से ऋण माफी में फंसा सस्पेंस
किसानों के कर्ज माफी को लेकर अलग-अलग बैंकों में केसीसी ऋण पर सस्पेंस बना हुआ है। किसान बैंकों के चक्कर लगा रहे कि ग्रामीण और सहकारी बैंक से ऋण लेने वाले किसानों का कर्ज तो माफ किया जा रहा है। जबकि अन्य बैंकों के ऋणी के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी जा रही है। बैंक तक शासनदेश का किसी प्रकार पत्र नहीं आने से किसान परेशान हैं। बुदेली के किसान राधिका सुरेजिया ने बैंक अधिकारियों ने ऋण माफी पर जानकारी मांगों तो शाखा में सस्पेंस खड़ा हो गया।

 

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