छत्तीसगढ़ चुनाव: 20 किमी पैदल दुर्गापुर बूथ पहुंचा मतदान दल, पहली बार 81 फीसदी वोटिंग

इस बूथ पर पहली बार 81 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।

By: Deepak Sahu

Published: 15 Nov 2018, 04:09 PM IST

कांकेर. छत्तीसगढ़ में अंतागढ़ के बीहड़ क्षेत्र मांड़ पखांजूर के दुर्गापूर बूथ में मतदान कराने के लिए मतदान दल दो दिन पहले ही रवाना हो गया था। घनघोर जंगल में 20 किमी पैदल चलने के बाद मतदान दल की टीम 11 नवंबर को दोपहर तीन बजे दुर्गापूर बूथ पर पहुंच गई थी। सोमवार को मतदान के दिन इस बूथ पर पहली बार 81 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। दुर्गापूर बूथ के पीठासीन अधिकारी ने निर्वाचन पदाधिकारियों पर आरोप लगाया कि किसी प्रकार की सुविधा मतदान दल को नहीं दिया गया।

मांड़ पखांजूर के दुर्गापूर बूथ के पीठासीन अधिकारी प्रविरचंद केमरो ने बताया कि उसे 9 नवंबर को शाम 6 बजे फोन पर चुनाव कराने की सूचना मिली। शाम 7 बजे आदेश मिला। रात 9 बजे नहरदेव बुलाया गया। रात 12 बजे पखांजूर जाने बोला गया। तीन बजे पखांजूर पहुंच गया। 10 नवंबर को सुबह 6 बजे मतदान वितरण सामग्री केंद्र पहुंचा तो ताला लगा था। 7 बजे पहला नाम मेरा पुकारा गया। चुनाव अधिकारी एक दुर्गा प्रसाद साहू, बूथ अधिकारी दो मिलन कुमार देहारी, अधिकारी तीन विजय मरकाम और गार्ड हर्ष देहरी के साथ चुनावी सामग्री लेते ही एसडीएम ने हरी झंडी दिखाकर बांदे थाने के लिए रवाना कर दिया गया।

दोपहर 12 बजे दल बांदे पहुंचा तो चार घंटे बाद बताया गया कि उन्हें कोंडे बीएसफ कैम्प जाना है। शाम 6 बजे चुनाव दल कोंडे कैम्प पहुंचा तो रात में रोक लिया गया। रात तीन बजे से सुबह 8 बजे तक लाइन में खड़ा कर दिया। 11 नवंबर को सुबह 8 बजे बीएसफ कैम्प में मतदान दल को बताया गया कि मांड पखांजूर मतदान केंद्र को दुर्गापुर में शिफ्ट कर दिया गया है। जंगल की पगडंडी से सहारे मतदान दल दोपहर 2:30 बजे 20 किमी चलकर दुर्गापुर बूथ पहुंच गया। सुरक्षा बल के जवानों ने स्कूल का ताला तोड़कर मतदान दल को स्कूल की गंदगी साफ कराने लगा दिया। माओवादी खौफ में पूरी रात टककटी में मतदान दल गुजार दिया। 12 नवंबर को सुबह सात बजे मतदान की तैयारी के बाद भी करीब 11 बजे पहला वोट पड़ा। दोपहर दो बजे तक 375 वोट में से 302 लोगों ने मतदान किया जो 81 प्रतिशत है। मतदान दल तीन बजे क्लोज किया।

कैम्प में जबरन खाने का वसूल लिया पैसा
पीठासीन अधिकारी ने बताया कि सोमवार को शाम चार बजे मतदान दल की टीम कोंडे कैम्प के लिए रवाना हो गई। बीहड़ को पार करते हुए टीम जंगल में पहुंची तो माओवादियों की गोली तड़तड़ाने लगी। जान जोखिम में डाल मतदान टीम रात 7:30 बजे कैम्प पहुंची जहां 250 रुपए प्रति मतदान कर्मी की दर से जबरन पैसा कैम्प में जमा करा लिया गया। मतदान दल को तत्काल जबरन वाहन से बांदे के लिए रवाना कर दिया गया। रात 9 बजे मतदान टीम पखांजूर के लिए रवाना हुई। रात 12 बजे चुनाव संबंधी प्रपत्र को पखांजूर में जमा करने के बाद दल को छोड़ दिया गया। दो दिन से भूख प्यास से तड़पता दल ठंड में ठिठुरता रहा, किसी प्रकार का बंदोबस्त नहीं किया गया। पीठासीन अधिकारी ने बताया कि दुर्गापूर में पहली लोगों ने मतदान किया।

Show More
Deepak Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned