गर्ल्स हॉस्टल की खिड़की तोड़ लड़कियों के कमरे में घुसे 7-8 युवक, फिर करने लगा गंदी हरकत, मचा हड़कंप

Crime in Kanker: रात करीब 1:30 बजे 7-8 युवकों ने छात्राओं (Girls Hostel) के कमरों की खिड़की को तोड़कर गलत (Kanker Girls Hostel) हरकत करने की कोशिश की।

कांकेर. छत्तीसगढ़ के एक आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल (Girls Hostel) में एक बार फिर कमरे में घुस कर लड़कियों (Crime in kanker) को परेशान करने का एक और मामला सामने (Kanker Girls Hostel) आया है। करीब 1.30 बजे हॉस्टल के अंदर पहुंचे 7 से 8 बदमाशों (Youth entered in girls hostel) ने खिड़की तोड़कर लड़कियों के कमरे में घुस (crime) गया।

इसके बाद सो रही लड़कियों को परेशान करने लगा। लड़कियों की चीख पुकार के बाद हॉस्टल में हड़कंप मच गया। सहायक आयुक्त ने पुलिस को जांच के लिए पत्र लिया है।

रातभर नहीं सो पाई लड़कियां
दरअसल ये मामला कांकेर शहर के बीच में स्थित विशिष्ट अनुसूचित जनजाति प्री मैट्रिक आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की है। यह घटना बीते 23 जुलाई की है। छात्राओं की शिकायत के बाद अब इस मामले की शिकायत हॉस्टल अधीक्षिका ने सहायक आयुक्त के पास लिखित में की है। मामले के उजागर होने के बाद लड़कियों ने बताया कि उस रात हॉस्टल की एक भी छात्राएं सो नहीं पाई।

 

Crime in kanker

छात्राएं बोली- गलत हरकत करने की कोशिश की...
मामले के उजागर होने के बाद सामने आई छात्राओं ने बताया कि बदमाश युवकों ने खिड़की तोड़कर कमरे में पहुंच गए थे। यहां सो रही लड़कियों के साथ गलत इरादे से अपनी मनमानी करने की कोशिश की। लड़कियों ने हॉस्टल अधीक्षिका को इसकी जानकारी दी। अधीक्षिका ने अपने लिखित शिकायत में बताया है कि 23 जुलाई को रात करीब 1:30 बजे 7-8 युवकों ने छात्राओं के कमरों की खिड़की को तोड़कर गलत हरकत करने की कोशिश की। गनीमत है कि बदमाशों ने अपनी गंदी वरदातों को अंजाम नहीं दे पाया।

 

Crime in kanker

दहशत में बीत रही रात
हॉस्टल अधीक्षिका ने बताया कि घटना के बाद से हॉस्टल की सभी लड़कियां दहशत में है। दिनभर हॉस्टल के बाहर बादमाशों का आना-जाना लगा रहता है। वहीं, शाम होते ही असामाजिक तत्वों के आने से खौफ बना रहता है। छात्रावास अधीक्षिका ने बताया कि मिनी स्टेडियम में इंडोर स्टेडियम बनाने का कार्य चल रहा है। छात्रावास के अंदर से नाली निर्माण का कार्य किया जा रहा था।

इस निर्माण के लिए छात्रावास की दीवार को मिनी स्टेडियम की तरफ से तोड़ा गया है। जिसके कारण यहां से आने जाने का रास्ता बन गया है। शायद युवक इसी रास्ते से छात्रावास के अंदर घुस गए और छात्राओंं के कमरों की खिड़कियों और दरवाजों को तोडऩे कोशिश की और गलत हरकत करने का प्रयास किए हैं।

छात्रावास में किसी प्रकार की तोडफ़ोड़ की जानकारी हमें नहीं है, इसके बारे में अधीक्षिका ही बता पाएगी।
सविता पोया, प्राचार्य

 

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चंदू निर्मलकर Desk
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