देवी-देवताओं के दर्शन करने उमड़ी भीड़, विधि-विधान से की गई पूजा

नगर के ऐतिहासिक मड़ई और मेला का शुभारंम पंरपरागत ढंग से रविवार से शुरू हो गया।

By: Deepak Sahu

Published: 07 Jan 2019, 08:00 PM IST

कांकेर. नगर के ऐतिहासिक मड़ई और मेला का शुभारंम पंरपरागत ढंग से रविवार से शुरू हो गया। विधि-विधान से राजमहल, शीतला माता सहित अंचल की सभी देवी-देवताओं की महाराज कुमार सूर्य प्रताप देव और अश्वनी प्रताप देव सहित राजपरिवार के सदस्यों ने पूजा अर्चना कर जिले एवं राज्य की खुशहाली के लिए कामना की। राजमहल से देवी-देवताओं की टोली मेला स्थल में देव खंभा के पास पहुंचकर पूजा-अर्चना किया गया, इसके बाद रिवाज के अनुसार मेला का ढाई बार परिक्रमा भी किया गया। भ्रमण में हजारों भक्तों ने मत्था टेक अपने परिवारों के कल्याण की कामना की।

रविवार को दोपहर अंचल के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे देवी-देवताओं की टोली राजमहल पहुंची, जहां राज परिवार के सदस्यों ने पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पूर्व राज-परिवार के छोटे राजकुमार अश्वनी प्रतादेव व राज पुरोहित के अगुवाई में आंगा देव, गायता, सिरहा, गुनिया, पटेल और डांग पकड़े लोगों की टोली नेशनल हाईवे होते हुए टीकारापारा स्थित दंतेश्वरी मंदिर पहुंची, जहां पूजा अर्चना के बाद मड़ई भाटा मैदान में विधि विधान से स्तम्भ के बाद पूजा कर मड़ई का शुभारंभ किया। दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए महिलाएं, बच्चें, बड़े-बुजूर्ग सभी देवी-देवताओं के दर्शन करने मेला स्थल के किनारे खड़े रहे। वहीं गाजे-बाजे के धुन में देवी, देवता, सिराह, गुनिया भी थिरकते रहे। दर्शन करने पहुंचे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अपनी मन्नत कर आशीर्वाद मांगा। मेला भ्रमण में देव समिति के राजपुरोहित प्रदुमन्न शर्मा, पटेल गजानंद साहू, सहित अन्य सदस्य और ग्रामीण सहित अन्य शामिल थे। गाजे-बाजे की धुन पर देवी, देवता, सिराह, गुनिया भी थिरकत हुए कोतवाली में पहुंचे, जहां विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इस ऐतिहासिक मेला में हजारों की भीड़ देवी-देवताओं की टोली पहुंचने की प्रतिक्षा कर रही थी।

राज परिवार ने की पूजा
राज परिवार की ओर से पूजा अर्चना करने के बाद सभी लोगों ने दर्शन पूजन किया। परंपराओं के अनुसार यहां राज परिवार की ओर से देवी देवताओं की पूजा की जाती है। नगर में देवी देवताओं की टोली जैसे ही आगे बढ़ रही थी तो मानों भगवान धरती पर उतर आए हैं और आमजनता एक झलक पाने के लिए व्याकुल है। अफसरों ने मेला स्थल, झूला घर आसपास की स्थिति का जायजा लिया गया। कोतवाली प्रभारी विक्रांत सोन अपनी टीम के साथ पहुंचे थे।

पूजा के लिए भक्तों का राजमहल में लगा रहा तांता
शीतला मंदिर, राजमहल पहुंचने का सिलसिला दोपहर से शुरू हो गया था। आंगा देव की पूजा अर्चना के लिए भक्तों का राजमहल में तांता लगा रहा। लोगों का मानना है कि मेला के दिन जिस मनोकामना को लेकर फुलमाला पहनाया जाता है। एक वर्ष में उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। ग्रामीण दिनभर राजमहल आंगा देव का दर्शन करने पहुंचते रहे। जब मड़ई स्थल स्थित देव स्तंभ का पूजा-अर्चना कर मड़ई की परिक्रमा के लिए देवी-देवताओं की टोली निकली। ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं ने परंपरा अनुसार चावल, लाई, फूल अन्य सामग्री के साथ स्वागत किया और मंगल कामना के लिए आशीर्वाद मांगा।

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