अमरीका और अफ्रीका में तबाही मचा चुका यह कीड़ा, अब छत्तीसगढ़ में मक्के की फसलों को कर रहा बर्बाद

मक्का फसल में एक नया कीट फॉल आर्मी वर्म (Fall army worm) बहुभक्षी एवं तम्बाकू की इल्लियों के परिवार का है। इसके लक्षण कांकेर जिले के विकासखंड चारामा एवं नरहरपुर में मक्का फसल (Maize crop) में पाए गए हैं।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 14 Aug 2019, 01:59 PM IST

कांकेर. मक्का फसल में एक नया कीट फॉल आर्मी वर्म (Fall army worm) बहुभक्षी एवं तम्बाकू की इल्लियों के परिवार का है। इसके लक्षण कांकेर जिले के विकासखंड चारामा एवं नरहरपुर में मक्का फसल (Maize crop) में पाए गए हैं। इस कीट के जीवनचक्र एवं वर्तमान में वातावरण की नमी एवं तापमान को देखते हुए इसके गंभीर प्रकोप होने की सम्भावना है।

Fall army worm

यह कीट बहुत तेजी से फैलकर पूरे फसल को नष्ट कर सकता है। इस कीट की लार्वा अवस्था सबसे विनाशकारी है। यह इल्ली रात्रिचर होती है तथा इसके माथे पर एक उल्टा वाय जैसा लिखा हुआ प्रतीत होता है। इसके अंतिम भाग पर चार वर्गाकार दाने पाए जाते हैं यह इस लार्वा की विशिष्ठ पहचान है। छोटी लार्वा पौधों की पत्तियों को खुरचकर खाती है जिससे पत्तियों पर सफेद धारियां दिखाई देते है। जैसे-जैसे लार्वा बड़ी होती है पौधों की ऊपरी पत्तियों को खा जाती है और लार्वा बड़ा होने के बाद मक्का के गाले में घुसकर पत्तियां खाती रहती है।

पत्तियों पर बड़े गोल-गोल छिद्र एक ही कतार में नजर आते हैं। प्रकोप अधिक होने पर 10 से 15 दिन में यह पूरे फसल से नष्ट कर सकता है। कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर एवं कृषि विभाग के द्वारा कांकेर जिले के प्रभावित क्षेत्रों पर भ्रमण किया जा रहा है। कृषकों को सलाह दिया जाता है कि फाल आर्मी वर्म के नियंत्रण के लिए 4-5 फीरोमोन ट्रेप प्रति एकड़ में लगाएं साथ ही प्रकोप अधिक होने पर इमामेक्टीन बेंजोएट को 0.5 मिली. प्रति लीटर पानी में या कोलेरेंटरानिलीप्रोल 18.5 प्रतिशत को 0.4 मिली. प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिडक़ाव करें। साथ ही ग्रीष्मकाल में गहरी जुताई अवश्य करें जिससे कोशा अवस्था में ही कीट को नष्ट किया जा सके।

Bhawna Chaudhary
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