अज्ञात लोगों ने 549 बोरा तेंदूपत्ता को किया आग के हवाले, विभाग को लगी साढ़े 13 लाख की चपत

शुक्रवार की रात ग्राम सुरुंगदोह और लतेलपारा करकापाल में अस्थाई गोदाम में रखा 549 मानक बोरा तेन्दूपत्ता में अज्ञात लोगों ने आग लगा दी।

By: Deepak Sahu

Published: 03 Jun 2018, 02:45 PM IST

कांकेर/दुर्गूकोंदल/बडग़ांव. शुक्रवार की रात ग्राम सुरुंगदोह और लतेलपारा करकापाल में अस्थाई गोदाम में रखा 549 मानक बोरा तेन्दूपत्ता में अज्ञात लोगों ने आग लगा दी। आग की चपेट में आने से करीब साढ़े 13 लाख रुपए के बजट का तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। वन विभाग को इस बार बारिश की कहर से करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। बताया जा रहा कि इन फड़ों की खरीदी वर्षों से ठेकेदार कर रहा था जबकि इस साल सरकारी हुई है।

अस्थाई तेन्दूपत्ता गोदाम में अज्ञात लोगों ने तेन्दूपत्ता से भरे बोरों को आग के हवाले कर दिया है। आग की लपट उठने पर आसपास के लोग उठे तब तक परिवहन के लिए रखा गया तेंदूपत्ता के बोरे खाक हो गए। आग की घटना से क्षेत्र में दहशत है। कयास लगा जा रहे कि आखिर आग किसने लगा दी। अति संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण लोग माओवादी घटना से इनकार नहीं कर रहे हैं। वहीं,आगजनी की घटना की रिपोर्ट करकापाल और कोंडरूंज समिति के प्रबंधकों ने पुलिस थाना कोड़ेकुर्से में दर्ज करा दी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी डीएल दुग्गा ने बताया कि कोंडरुंज समिति के अस्थायी गोदाम सुरुंगदोह और करकापाल समिति में आगजनी की घटना हुई है।

इसमें अस्थायी गोदाम सुरुंगदोह में 515 बोरा जिसमें 3 लाख 63 हजार और करकापाल लतेलपारा में 34 बोरा जिसमें 18,650 तेन्दूपत्ता जल गया है। पूछताछ में आगजनी की घटना 11-12 बजे रात की है। पर आग कैसे लगी, पास में सोए लोगों को भनक नहीं लगी। आधीरात को जब आग भभक उठी तो बुझाने की कोशिश किया, लेकिन लोगों की कोशिश नाकाम रही और सारे बोरे में रखे तेन्दूपत्ता जलकर खाक हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट कोंडरुंज के प्रबंधक शिव कुमार उसारे और करकापाल के प्रबंधक सुकलूराम पुड़ों ने पुलिस थाना कोड़ेकुर्से में दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रघुबीर चंद्रा ने बताया कि तेन्दूपत्ता के बोरा आग लगने की शिकायत प्रबंधकों ने कराई है। लाखों के बजट के जले तेंदूपत्ता की जांच की जा रही है।

कहीं माओवादियों ने तो नहीं लगा दीे आग
अंतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के कारण इस घटना को माओवादियों द्वारा अंजाम देने की बात कही जा रही है, लेकिन यह भी प्रश्र चिन्ह खड़ा हो रहा है कि अस्थाई कैंप में चौकीदार या फिर कोई न कोई कर्मचारी देखरेख के लिए रहा होगा? उसे इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई है। यह भी सवाल सामाने आ रहे कि माओवादियों ने कर्मी को इस बार कुछ नहीं किया, इसके अलावा घटना स्थल पर पर्चा, बेनर सहित अन्य कुछ सामान नहीं मिला है। विदित हो कि दुर्गूकोंदल में 6 जून को प्रदेश मुख्यमंत्री का आगमन हो रहा है। इसे माओवादियों की हरकत मानते हैं तो सीएम के आने के पांच दिन पहले ही माओवादियों ने फिर कोड़ेकुर्से क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह बता दें कि अंतागढ़ विकासखंड में आने के 12 घंटे पहले ही सांसद के फार्म हाउस को आईडी बलास्ट कर माओवादियों ने उड़ा दिए थे।

कहीं कर्मियों की लापरवाही तो नहीं
विदित हो कि इस बार तेज आंधी आने से फंड मुंशियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में तेन्दूपत्ता की नुकसान या फिर किसी प्रकार की कमजोरी को छुपाने के लिए वन अमला के कर्मियों ने इस घटना को अंजाम तो नहीं दिया होगा। हालांकि इस मामले में पुलिस जांच में लगी है, बहुत जल्द ही हकीकत सामने आ जाएगी।

दस वर्ष बाद हुई थी खरीदी
जानकारी के अनुसार कोंडरूंज व करकापाल क्षेत्र के तेन्दूपत्ता की सरकारी खरीदी पुन: दस वर्ष बाद हुई है। तेन्दूपत्ता का उठावा होने की तैयारी थी, यह घटना सामने आ गई। दस वर्ष तक इस फंड की खरीदी ठेकेदार कर रहा था। जिसे लेकर गांव सहित आसपास क्षेत्र में कई तरह के चर्चा हो रही हैं।

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