कांकेर: मनकेशरी में फिर तेंदुए का आतंक, कड़कनाथ मुर्गों के बाद गाय को बनाया निवाला

तेंदुआ ने गाय पर हमला करते हुए उसका शिकार कर लिया। आबादी क्षेत्र में घटना होने के कारण लोगों में फिर से दहशत बढ़ गई है।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 03 Dec 2019, 02:38 PM IST

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर शहर के आसपास के गांवों में जंगली जानवरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिनों पहले दो तेंंदुआ को वन विभाग ने पकडक़र केशकाल के जंगल में छोड़ा था। उसके बाद भी गत रात मनकेसरी के आवासपारा में एक तेंदुआ ने गाय पर हमला करते हुए उसका शिकार कर लिया। आबादी क्षेत्र में घटना होने के कारण लोगों में फिर से दहशत बढ़ गई है।

नगर के आसपास के गांवों में भालू और तेंदुआ का खौफ लोगों मेें बढ़ता ही जा रहा है। लगातार वन विभाग के प्रयास के बाद भी जंगल और पहाड़ से उतरकर बस्तियों मेें जानवर आ रहे हैं। ग्राम पंचायत ठेलकाबोड़ में करीब तीन महीना तक मूर्गी फार्म पर हमला कर दर्जनों कडक़नाथ को शिकार बनाने के बाद वन विभाग ने दो तेंदुआ को पकड़ कर केशकाल के जंगल में छोड़ दिया था।

लेकिन उसके बाद भी नगर के आसपास खुंखार जंगली जानवर घूम रहे हैं। इसकी जानकारी न तो ग्रामीणों को है न ही वन विभाग को। भोजन की तलाश में जंगली जानवर गांव और शहरों में आ रहे हैं जिससे लोगों में खौफ बना है। ग्राम पंचायत मनकेशरी के ग्रामीण रामसिंग देहारी ने बताया कि शनिवार की रात एक तेंदुआ घर में आगया और कोठार में बंधी गाय पर हमला कर दिया।


गाय की मौके पर ही मौत हो गई। गाय पर हमला कर उसका खून पीकर तेदुंआ भाग गया। रात में ही हम लोगों ने कुछ आवाज सूनी तो समझ आ गया कि कोई जंगली जानवर घर में आ गया है। लेकिन जंगली जानवरों से इतनी दहशत है कि घर से बाहर निकलने हिम्मत नहीं कर पाए। सुबह कोठार में बंधी गाय को देखे तो तेंदुआ उसे अपना निवाला बना चुका था। गांव में तेंदुआ के आने की सूचना पर दहशत बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया वन विभाग की ओर से दो तेंदुआ पकड़े गए थे। जिन्हें मात्र 20 किमी पर छोड़ दिया गया जो गलत है।

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