शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा मुहैया कराने हजारों ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

- ग्रामीणों ने देवी स्थलों का संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल की सुविधा मुहैया कराने की मांग की .

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 23 Jan 2021, 02:26 PM IST

कांकेर . छत्तीसगढ़ में सरकार बदल गई लेकिन गांव के हाल नहीं अब तक नहीं बदले। प्रदेश के कांकेर जिले के लगभग 102 गांव के हजारों ग्रामीणों ने शनिवार को रैली निकालते हुए राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण विकास के लिए कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार जल, जंगल, जमीन और रावघाट परियोजना रेलवे लाइन क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं जैसी कई मांगों को लेकर हजारों ग्रामीणों कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रामीण विकास से अब तक अछूते है। निर्माण कार्य के नाम पर पेड़ों की कटाई और बीएसएफ कैम्प के विरोध में अन्तागढ़ ब्लॉक के सैकड़ों गांव के ग्रामीणों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों की मांग-

- देवी, देवता स्थलों को बदला न जाए और उन्हें सुरक्षित रखा जाए.
- नदी, नालों को दूषित न किया जाए.
- पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की कटाई से पहले उनके बदले फिर से वृक्ष लगाने की पहल की जाए.
- प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा विस्तार के लिए सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल की व्यवस्था की जाए.
- शिक्षा के लिए प्रभावित गांवों में विद्यालय का निर्माण हो.
- आईटीआई जैसे संस्थानों में इस क्षेत्र के लोगों की भर्ती सुनिश्चित की जाए
- माइनिंग क्षेत्र से बाईपास रोड और अंतागढ़ से नारायणपुर तक मेन रोड का चौड़ीकरण किया जाए.
- रेलवे लाइन के कारण प्रभावित किसानों को जमीन का मुआवजा और नौकरी तत्काल मिले.
- माइनिंग क्षेत्र में ही टाउनशिप खोली जाए.
- माइनिंग क्षेत्र में काम के दौरान दुर्घटना होने पर स्थानीय मजदूरों को इलाज और मुआवजे का प्रावधान किया जाए.

इस प्रदर्शन में क्षेत्र के हजारों ग्रामीण शामिल हुए। परगना कोलर से एक बजे अन्तागढ़ के मद्रासी पारा से रैली निकाली गई। रैली मुख्य मार्ग से होते हुए SDM कार्यालय पहुंची। क्षेत्र के ग्रामीणों ने SDM कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की। रावघाट परियोजना के तहत प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने भिलाई स्टील प्लांट के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अब तक किसी भी ग्रामीण को परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बीएसपी पहले भी क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर महीने शिविर का आयोजन करती थी, लेकिन आज ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

Bhupesh Tripathi
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