12 टन क्षमता वाली रोड पर दौड़ रही है 36 टन वाली ट्रकें, नाराज महिलाओं ने विरोध में की सड़क जाम

12 टन क्षमता वाली रोड पर दौड़ रही है 36 टन वाली ट्रकें, नाराज महिलाओं ने विरोध में की सड़क जाम

Deepak Sahu | Updated: 09 Oct 2018, 07:20:48 PM (IST) Kanker, Chhattisgarh, India

आंदोलन कर रहीं ग्रामीण महिलाओं ने सड़क जामकर समस्या के निराकरण तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।

कांकेर/अंतागढ़. छत्तीसगढ़ के चारगांव मेटाबोदली माइंस में लौह अयस्क परिवहन करने वाले ट्रकों से उड़ रही धूल और टूट रही सड़कों के विरोध में ग्राम कुहचे में सोमवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। माइंस प्रबंधक की लाख कोशिशों के बाद भी ग्रामीण रोड से टस से मस नहीं हुए। आंदोलन कर रहीं ग्रामीण महिलाओं ने सड़क जामकर समस्या के निराकरण तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि लौह अयस्क से करोड़ों का मुनाफा कम्पनी मालिक उठाएं और धूल हम खाएं अब ऐसा नहीं होगा।

12 टन क्षमता वाली रोड पर 36 टन की ट्रक दौडऩे से टूट रही है। माइंस संचालक के जिम्मेदार हर बार सिर्फ हां हां जवाब देते हैं पर समस्या का समाधान नहीं करा पाते हैं। कुहचे की महिलाओं ने कहा कि जब से क्षेत्र में माइंस का संचालन किया जा रहा लोगों को यहां रहना दूभर गया है। बारिश का मौसम आते ही पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। बारिश समाप्त होते ही धूल के कारण लोगों को स्वांस लेने में परेशानी होने लगती है। बार-बार जिला प्रशासन से निवेदन करने के बाद भी न तो माइंस को बंद किया गया न ही वाहनों की आवाजाही के लिए उचित बंदोबस्त किया।

सड़क पर दौड़ रही ट्रकों के चलते लोगों की सेहत खराब हो रही है। धूल के कारण गला संबंधी परेशानी बढ़ती ही जा रही है। इसी से परेशान होकर सभी ग्रामीण आंदोलन करने का निर्णय लिए हैं। ग्राम कुचहे की महिलाओं के आंदोलन से माइंस प्रबंधन में खलबली मची है। कोदागांव के ग्रामीणों ने कहा कि चार अक्टूबर को एसडीएम ने इस रोड से माइंस का परिवहन नहीं होने का आदेश जारी किया और 6 अक्टूबर को अपने ही आदेश को रद्द कर दिया। ऐसा कौन सा संकट अफसर के समक्ष खड़ा हो गया कि दो दिन के अंदर ही अपने ही फैसले को पलट दिए। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा जब तक ठोस बंदोबस्त नहीं किया जाएगा तब तक सड़क से जाम नहीं खत्म होगा।

दो दिन में एसडीएम ने अपना आदेश किया रद्द
कलक्टर के नाम से जारी पत्र में अंतागढ़ एसडीएम ने 4 अक्टूबर को एक पत्र जारी किया है। जिसमें चारगांव मेटाबोदली में लौह अयस्क परिवहन में लगे ट्रकों को ग्राम पोंडगांव से मासबरस, टेमरुपानी, भैंसासुुर से मेटाबोदली चारगांव माइंस के लिए परिवहन किए जाने आदेश दिया था। इसकी सूचना मिलते ही मासबरस के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया। मासबरस के लोगों का आक्रोश देखते ही एसडीएम ने अपने आदेश को 6 अक्टूबर को रद्द कर दिया।अंतागढ़ शहर से होकर निकल रहे वाहनों को देखते हुए सोमवार को कुचहे और कोदागांव के ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया।

अंतागढ़ एसडीएम छबिलाल ओंटी ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध के चलते मार्ग में परिवर्तन किया गया था लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। सोमवार को भी माइंस में चलने वाले ट्रकों से धूल उडऩे एवं अधिक क्षमता के ट्रकों को लेकर कुछ ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अभी चुनाव संबंधी बैठक में
जा रहा हूं। इस मामले को देखवाता हूं।

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