Chhattisgarh: विश्व मानसिक दिवस पर छात्रों को दी जानकारी

Chhattisgarh: विश्व मानसिक दिवस पर छात्रों को दी जानकारी

Chandu Nirmalkar | Publish: Oct, 13 2018 09:35:46 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 09:35:47 PM (IST) Kanker, Chhattisgarh, India

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता कार्यक्रम

कांकेर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व में युवा जनसंख्या व मानसिक स्वास्थ्य है। इसके तहत सर्वप्रथम मनोविज्ञान के विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छन्नूराम व किरण साहू प्रथम, अजमल शाहीन, पूनम कुजूर व त्रिलोचन प्रकाश द्वितीय तथा अनीता नरेटी, फलेश्वरी व किरण जुर्री की टीम तृतीय स्थान पर रही।

तत्पश्चात विद्यार्थियों और मनोविज्ञान के प्राध्यापकों द्वारा महाविद्यालय परिसर व कक्षाओं में जाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के लिए संपर्क अभियान चलाया गया। अंत में व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बसंत नाग व विशिष्ट वक्ता के रूप में डॉ. कमला ठाकुर, अशोक कुमार ज्योति, प्रताप चौधरी और भुवनेश्वर सिंह कंवर उपस्थित रहे।

सर्वप्रथम डॉ. कमला ठाकुर ने विद्यार्थियों को उद्बोधन करते हुए कहा कि युवाओं को अपने मन की बात माता-पिता या किसी विश्वसनीय मित्र से अवश्य कहनी चाहिए। ताकि मन पर कोई बोझ न रहे। प्रताप चौधरी ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए जितना आवश्यक बौद्धिक योग्यताओं की है उससे भी अधिक महत्वपूर्ण स्वस्थ मानसिकता है। सफलता रूपी ट्रेन का इंजन मानसिकता ही है जबकि विभिन्न बौद्धिक योग्यताएं इसके डिब्बे हैं।

अशोक ज्योति व कंवर ने विद्यार्थियों को मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूक रहने प्रेरित किया। डॉ. बसंत नाग ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि युवा विद्यार्थियों को तनाव से बचने के लिए सर्वप्रथम स्वयं को पहचान कर अपनी क्षमता के अनुरूप पूर्व कार्ययोजना तैयार कर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ाना चाहिए, ऐसा करने से व्यक्ति कठिन से कठिन परिष्थितियों में भी तनाव रहित रह सकता है।

मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज राव व सहायक प्राध्यापक डॉ. जयसिंह ने विद्यार्थियों के व्यावहारिक समस्याओं संबधित प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत किया। डॉ. राव ने कहा कि आज विश्व में पूरी जनसंख्या का लगभग 25 प्रतिशत लोग विभिन्न प्रकार की मानसिक समस्यायों से ग्रसित हैं। जागरुकता के अभाव में अधिकतर लोग इसके इजाज के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक नहीं पहुंच पाते हैं।

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