लॉकडाउन में देखें दिहाड़ी मजदूरों का दर्द, बिस्कुट और पानी ही है सहारा

दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी कर रहे एक साइकिल सवारों का जत्था कन्नौज जिले से बंगाल जाने के लिए गुजरा ।

 

कन्नौज. लॉकडाउन के दौरान लगभग सभी कामकाज ठप है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरी को हो रही। जिनके पास काम करने को कुछ नहीं है और रहने व खानेपीने का बड़ा संकट सामने आ गया है। ऐसे ही कुछ मजदूर गुरुवार को कन्नौज में मिले। वह दिल्ली से साइकिल पर सवार हो कर बंगाल जा रहे थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ कर आगे को जाने की इजाजत दी।

दिहाड़ी मजदूरी का यह 12 सदस्यीय जत्था साइकिल पर सवार होकर जीटी रोड के जरीए जिले की सीमा से गुजरा। ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों ने इन लोगों से पूछताछ कर आगे को जाने दिया। जत्थे में शामिल लोगों का कहना था कि हम सभी लोग दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी पर काम करते हैं। 21 दिन के लॉक डाउन होने के बाद से काम ठप हो गया। जिससे रहने और खाने की बड़ी समस्या हो गई थी। इसके चलते हम लोग साइकिल से अपने घर मानिक चौक थाना बंगाल जा रहे हैं। वह सोमवार को दिल्ली से चले थे और बंगाल जाने में कितने दिन लग जाएंगे इनको खुद नहीं मालूम। रास्ते में चलते हुए थक जाने पर रास्ते में ही रुक कर कहीं आराम कर लेते हैं और बिस्कुट और पानी खाकर अपना काम चला रहे हैं।

दिल्ली से चलकर बंगाल जा रहे इन लोगों को कितनी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, यह इन लोगों की हालत देखकर ही पता चल जाएगा। भूखे पेट इनके लिए साइकिल चलाना अपने आप में एक बड़ा ही मुश्किल काम है। जहां कहीं थकावट महसूस होती है यह लोग वहां आराम फरमा लेते हैं।

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Abhishek Gupta Desk/Reporting
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