कन्नौज मेडिकल कॉलेज में नहीं हैं डॉक्टर, मरीजों को भुगतना पड़ रहा है खामियाजा

कन्नौज मेडिकल कॉलेज में नहीं हैं डॉक्टर, मरीजों को भुगतना पड़ रहा है खामियाजा
kannauj

करोड़ों की लागत से बना कन्नौज का राजकीय मेडिकल कालेज अब स्टॉफ की कमी का दंश झेल रहा है। एक-एक कर 15 चिकित्सा शिक्षक नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं।

कन्नौज. करोड़ों की लागत से बना कन्नौज का राजकीय मेडिकल कालेज अब स्टॉफ की कमी का दंश झेल रहा है। एक-एक कर 15 चिकित्सा शिक्षक नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में चिकित्सा शिक्षकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों व स्टाफ की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों का पंजीकरण दैनिक वेतन कर्मचारियों के भरोसे है। ऐसे में अब एक ही आवाज उठ रही हैं कि डॉक्टर और नर्स तो चले गए अब मरीज कहां जाएं योगी जी।




स्टाफ और मरीज परेशान

राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों के नौकरी छोड़ने, कर्मचारियों के तबादले से मरीजों की समस्याओं में इजाफा हुआ है। साथ में शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। संविदा चिकित्सकों को वेतन न मिलने से समस्याएं हो रही हैं। यह सामान खरीदने व ऋण की किस्त अदा करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। वहीं बेहोशी के डॉक्टरों ने भी पिछले दिनों नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इससे ऑपरेशन करने से पूर्व मरीजों को बेहोश करने में दिक्कत से ऑपरेशन टाले जा रहे हैं।




चार महीने से नहीं मिला वेतन

अब मरीजों का पंजीकरण करने के लिए दैनिक वेतन कर्मचारियों को लगाया गया है। इससे कंप्यूटर सिस्टम बंद रहे। कर्मचारियों ने मैनुअल काम कर मरीजों का पंजीकरण किया। संविदा पर तैनात जूनियर व सीनियर 130 से अधिक डॉक्टरों को चार महीने से वेतन नहीं मिल सका है। इससे वह लोग भी काम में रुचि नहीं ले रहे हैं और बिना उत्साह ड्यूटी कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप सिंह की मानें तो चिकित्सा शिक्षकों के इस्तीफा देने से एमबीबीएस की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। तबादला होने से दिक्कतें बढ़ी हैं। समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों के पास रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जल्द समाधान करा दिया जाएगा।




इतने स्टॉफ न होने से बड़ी मुसीबतें 

आपको बता दें कि राजकीय मेडिकल कालेज में 15 चिकित्सा शिक्षक नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं। अब शासन ने कई कर्मचारियों को दूसरे मेडिकल कॉलेज में भेजने का फैसला लिया है। इसमें 17 स्टाफ नर्स व तीन लिपिक शामिल हैं। 20 कर्मचारियों का एक साथ तबादला होने से व्यवस्था चरमरा गई है।


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