नवजात बच्ची मिली झाड़ियों में, सरकारी तंत्र की वजह से तीन घंटे रही इलाज से दूर

इस दौरान नवजात बच्ची सरकारी दावपेंचों के बीच फंसकर 5 घंटो तक इलाज से दूर रही।

By: Abhishek Gupta

Published: 04 Jan 2018, 04:04 PM IST

कन्नौज. जिले की तिर्वा तहसील के सामने स्थित मंदिर के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी मिली। रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने उसे उठाया जिसको देख वहां पर काफी भीड़ जुट गई। तीन घंटे पंचायत के बाद उसको अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इस दौरान नवजात बच्ची सरकारी दावपेंचों के बीच फंसकर 5 घंटो तक इलाज से दूर रही।

कन्नौज जिले की तिर्वा तहसील के सामने स्थित शिव मंदिर के पास हरिहरपुर गांव के बाहर झाड़ियों में नवजात की रोने की आवाज पर कई राहगीर इकट्ठे हो गए। बचाव के लिए लोगों ने झाड़ियों से उठा उसे गर्म कपड़े पहनाए। मामले की जानकारी जरा देर में आसपास क्षेत्र में फैल गई। इससे ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। लोगों में बच्ची के पालन-पोषण को लेकर पंचायत शुरू हो गई। मामले की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।

बच्ची की हालत बिगड़ती देख जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। कोई लड़की होने के कारण फेंकने की चर्चा करता रहा तो कई लोगों ने बच्ची को मारने की मंशा से फेके जाने की ओर इशारा किया। लोगों ने कहा कि नारी सशक्तीकरण के मायने कुछ समाज को तोड़ने वालों की वजह से बेकार साबित हो रहे हैं। कोतवाली प्रभारी अमर पाल सिंह ने बताया कि अभी तक बच्ची किसी को सौंपी नहीं गई है। बच्ची उसी को दी जाएगी, जो बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सके।

बुजुर्ग ने बचायी नवजात की जान-

यहाँ शौच के लिए गए बुजुर्ग को झाड़ियों में एक नवजात बच्ची दिखाई पड़ी। तो वहां मौजूद कुत्ते बच्ची को नोचकर खाने का प्रयास कर रहे थे। बच्ची को बचाने वाले बुजुर्ग की माने तो वह सुबह 8 बजे तालाब किनारे शौच के लिए गया था। उसी वक्त झाड़ियों में कुछ कुत्ते कपड़े को खींच रहे थे। तभी बच्चे की रोने की आवाज आयी। बुजुर्ग ने जब बच्ची को देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने वहां से कुत्तों को भगाकर बच्ची को बचाया। इतना ही नहीं उसने बच्ची को अपनी बहु को दिया और बहु ने बच्ची को स्तनपान कराया। बुजुर्ग ने पुलिस को सूचना देकर पूरी घटना के बारे में बताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल न भिजवाकर सरकारी दावपेंच में तीन घंटो तक उलझाये रखा।

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