पिता के बाद पुत्र ही गद्दी संभाले ये जरूरी नहीं-  अर्चना पाण्डेय

  पिता के बाद पुत्र ही गद्दी संभाले ये जरूरी नहीं-  अर्चना पाण्डेय

कन्नौज में राज्यमंत्री बनने बाद पहली बार अपने गृह जनपद पहुंची अर्चना पाण्डेय ने दिया बड़ा बयान कहा यहाँ आवश्यक नहीं कि पिता के बाद पुत्र गद्दी संभाले, गेरुआ वस्त्र में लिपटे हुए व्यक्ति के हाँथ में सत्ता सौंपी जा सकती है.

कन्नौज. कन्नौज में मन्त्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद अपने घर कन्नौज पहुंची उत्तर प्रदेश की राज्यमन्त्री अर्चना पाण्डेय ने अपने कार्य में बड़ी चुनौती का सामना करने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि बहुत भरोसे के साथ जनता ने उनको चुनकर भेजा है और बहुत विश्वास के साथ पार्टी में जिम्मेदारी दी गयी है। प्राथमिकी की जहाॅ तक बात है तो हमारा लोक कल्याण संकल्प पत्र ही हमारी प्राथमिकता है और उसमें लिखी हुई बात को ही पूरा करना हमारी प्राथमिकता होगी। चूॅंकि मैं एक महिला हॅू इसलिए महिलााओं की सम्मान व महिलाओं की सुरक्षा, महिलाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य और उनकी पेयजल की समस्या पर काम करना उनकी प्राथमिकता होगी। किसानों को लेकर आलू से सम्बन्धित समस्याओं के लिए एक उद्योग लगाने की बात है। जिसके नाते हमारे किसानों को लाभ होगा। यहाॅ की शिक्षा को सुधारने की बहुत आवश्यकता है। 

यहाॅं की शिक्षा गुण्डों और माफियाओं का अड्डा बन चुके हैं। मन्दिर बनाना काफी नहीं होता है, मन्दिर को मन्दिर की तरह रखना भी आवश्यक होता है। मेडिकल कॉलेज जिस उद्देश्य से बनाया गया है उस उद्देश्य को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। हमारे यहाॅ कोई भी नेता बोलता है तो एक नहीं बोलता है पूरी टीम साथ में बोलती है। पंजाब की तरह उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कोई अच्छा कदम उठाया जायेगा क्या, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जब एक बार बैठेंगे तो उस मीटिंग में यह सब बातें रखी जायेंगी। अभी उनकी एक भी बैठक नही की गयी है। 


उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास एक बहुत बड़ी चुनौती है। पूरे प्रदेश में लगता है कि 80 प्रतिशत जनता ने वोट दिया है और उस वोट को सहेजना और उनकी उम्मीदों पर खरे उतरना यह वास्तव में एक चुनौती है। लेकिन उन्हें इस चुनौती को पूरा करने का भरोसा है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकताओं पर जो अत्याचार किया है उनको भी देखना पड़ेगा।

भारतीय जनता पार्टी को हिन्दुत्व के लिए इस तरह से कहना ठीक नहीं है। जो हित में है वही करना इस पार्टी की नीती है। इसलिए पार्टी ने योगी को मुख्यमन्त्री बनाया है और यह भारत की परम्परा है कि भारत की संस्कृति में सम्भव भी है कि यहाॅ पर एक गेरूआ वस्त्र में लिपटे हुए भी व्यक्ति को सत्ता सौंपी जा सकती है। यहाॅ आवश्यक नहीं है कि पिता के बाद पुत्र ही गद्दी सम्भाले। यह भारतीय जनता पार्टी है।
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