मासूम के शव से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हुआ पिता, दहाड़ें मार रोती रही मां

- District Hospital Kannauj में Encephalitis से पीड़ित बच्चे की मौत
- परिजनों ने जिला अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
- CMS बोले- बच्चे के इलाज में नहीं हुई कोई लापरवाही

By: Hariom Dwivedi

Updated: 30 Jun 2020, 04:04 PM IST

कन्नौज. इत्रनगरी के नाम से मशहूर कन्नौज (Kannauj) में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पिता अपने मासूम बेटे के शव से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हो गया है। बेहोशी के दौरान भी वह अपने जिगर के टुकड़े को सीने से लगाये जमीन पर ही गुत्थम-गुत्था है। पास में ही मृतक की मां भी दहाड़ें मार-मारकर रो रही है। कन्नौज जिला अस्पताल (District Hospital Kannauj) में इलाज के दौरान उनके एक साल के बेटे अनुज की मौत हो गई। वह बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने बच्चे की मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही बताया है वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की हालत गंभीर थी जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है।

कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के मिश्रीपुर गांव निवासी प्रेमचंद्र के एक वर्षीय पुत्र अनुज को कई दिनों से बुखार (Encephalitis) था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेसी में दिखाया जहां डॉ. वीके शुक्ला ने उसे बच्चों के डॉक्टर पीएम यादव के पास भेजा। बच्चे की तबियत सीरियस थी और डॉक्टर इधर से उधर भेज रहे थे। बच्चे की मौत के लिए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चे के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। प्राथमिक उपचार जितना संभव था वह सब दिया गया, लेकिन वह बच नहीं पाया।

डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज : मृतक का पिता
अस्पताल में कोई डॉक्टर इलाज करने को तैयार नहीं था। इलाज के लिए बच्चे को कानपुर ले जाने को रह रहे थे। मीडिया की दखल के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती किया। थोड़ी ही देर बाद बेटे की मौत हो गई।- प्रेमचंद, मृतक का पिता

इलाज में नहीं हुई लापरवाही : सीएमएस जिला अस्पताल
बच्चे के इलाज में कहीं कोई लापरवाही नहीं हुई है। प्राथमिक उपचार में जितना संभव था, इलाज किया गया। हालत गंभीर होने के चलते बच्चे को बचाया नहीं जा सका।- डॉ. यूसी चतुर्वेदी, सीएमएस जिला अस्पताल

डोली की जगह निकली थी अर्थी
कन्नौज में इलाज न मिलने से मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 27 जून को जनपद के ठठिया थाना क्षेत्र के भगतपुरवा गांव निवासी राज किशोर बाथम की 19 वर्षीय बेटी विनीता की शादी वाले दिन ही मौत हो गई थी। इलाज के लिए परिजन इधर-उधर दौड़ते रहे। आरोप है कि कोरोना के खौफ में डॉक्टरों के इलाज नहीं करने से पीड़िता की मौत हो गई। पिता की चौखट से डोली की जगह बेटी की अर्थी निकली।

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