रेमडेसिविर मामले में डीएम की बड़ी कार्रवाई, दो फार्मासिस्ट सहित 10 नर्सिंग स्टाफ पर निलंबित

-रेमडेसिविर मामले में 10 नर्सिंग स्टाफ पर निलंबन की कार्यवाही,
-डीएम आलोक तिवारी ने जीएसवीएम कालेज प्रबंध को दिए कार्यवाही के निर्देश,
-मेडिकल कालेज प्राचार्य के मुताबिक कर्मचारियों का बदला जाएगा पटल,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 10 Jul 2021, 10:07 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) संक्रमित (Corona Positive) मरीजों के लिए रामबाण साबित हुए, लेकिन इस दौरान कई जगहों पर स्वास्थ कर्मियों की उदासीनता व लापरवाही भी सामने आई। ऐसे ही कानपुर के एक मामले में डीएम ने बड़ी कार्यवाही की है। फर्जी तरीके से रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी करने के मामले में दो फार्मासिस्ट समेत 10 नर्सिंग स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल इस प्रकरण में मामले के खुलासे के बाद जांच कराई गई। इसमें दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने जीएसवीएम कालेज (GSVM Medical College Kanpur) प्रबंधन को इन पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

कानपुर जिलाधिकारी द्वारा दिया गया आदेश गुरुवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मिल गया। इसमें दो फार्मासिस्ट नागेंद्र वाजपेयी और संजीव सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। साथ ही सिस्टर इंचार्ज अंजुलिका मिश्रा और न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल के हर तल के दो-दो नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई का आदेश दिया गया था। जबकि सिस्टर इंचार्ज पर पहले ही निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।

इसके बाद अन्य कर्मचारियों को गुरुवार रात निलंबित कर दिया गया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि शुक्रवार को कार्रवाई का ब्योरा जारी किया जाएगा। साथ ही तीन साल से एक सीट पर जमे फार्मासिस्ट और दूसरे कर्मचारियों का पटल भी बदला जाएगा। बता दें कि प्रकरण का खुलासा होने के बाद पहले हैलट की टीम ने जांच की थी, उसके बाद जिला प्रशासन की टीम ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी।

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