1250 श्रमिक गुजरात से पहुंचे कानपुर, किराया वसूले जाने का लगाया आरोप

दूसरी बार गुजरात से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन, अपने घर पहुंचने पर चेहरों में दिखी खुशी, रोडवेज की बसों के जरिए किया गया रवाना।

By: Vinod Nigam

Updated: 05 May 2020, 08:01 PM IST

कानपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर गुजरात के गोधरा से दूसरी ट्रेन 1250 मजदूरों को लेकर मंगलवार को कानपुर सेंट्रल पहुंची। यहां अलाधिकारियों ने सभी को स्वागत किया तो श्रमिकों ने भी सूबे के सीएम योगी का अभार जताते हुए शुक्रिया अदा किया। श्रमिकों ने बताया कि रेलवे की तरफ से उनसे किराए के तौर 5 सौ रूपए लिए गए हैं। विरोध जताने पर अधिकारियों ने बताया कि आपके खाते पर ये रकम राज्य सरकार ट्रांसफर करवा देगी।

सभी के चेहरों में खुशी
सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर मंगलवार को फिर साबरमती स्पेशल श्रमिक ट्रेन के बाद गुजरात के गोधरा से स्पेशल श्रमिक ट्रेन कानपुर पहुंची। इस ट्रेन से कानपुर सहित आस-पास के 35 जनपदों के 1250 कामगार श्रमिक कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे। गाड़ी में बैठे श्रमिकों की जांच से लेकर उनके खानपान की पूरी व्यवस्था रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी द्वारा स्टेशन पर की गई थी। एक-एक बोगी को खोलते हुए उसमें सवार श्रमिकों की जांच यहां पर बनाए गए आठ स्वास्थ विभाग के काउंटरों पर की गई। डॉक्टरों ने सभी की मेडिकल चेकअप किया और फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ क्रमबद्ध थर्मल स्कैनिंग की गई।

पांच सौ रुपये लगा टिकट
श्रमिकों को घर भेजने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में किराया को लेकर भले ही राजनीति चल रही हो, पर रेलवे किराया छोड़ने वाला नहीं है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर आई रुबी, दिग्विजय आदि ने रेलवे टिकट दिखाते हुए बताया कि गोधरा से कानपुर तक के लिए पांच सौ रुपये का टिकट कटाना पड़ा है। मुजफ्पर नगर निवासी मोहम्मद इमरान ने बताया कि वह बड़ोदरा से ट्रेन में सवार हुआ। रेलवे के अधिकारियों ने टिकट के तौर पर पांच सौ रूपए लिए।

दोस्त से पैसा लेकर खरीदा टिकट
शामिली निवासी मोहम्मद कादिर ने बताया कि लाॅकडाउन के चलते उसके पास जो पैसे थे वह खर्च हो गए। पड़ोसियों और दोस्तों ने एक वक्त का भोजन करा मेरी जान बचाई। जब खबर मिली की एक ट्रेन कानपुर जा रही है तो मैंने तत्काल रजिस्ट्रेशन करा पैदल ही बड़ोदरा रेलवे स्टेशन पहुंचा। मेरे गांव के पड़ोस का युवक मिली जिसने पांच सौ रूपए दिए। इसी पैसे से टिकट लेकर मैं ट्रेन पर सवार हुआ। कादिर ने बताया कि पूरे सफर में भोजन नहीं दिया गया।

9 नंबर प्लेटफार्म पर रूकी ट्रेन
प्रवासी श्रमिकों को लेकर आयी स्पेशल ट्रेन में 1250 श्रमिक व उनका परिवार सवार था। भारी संख्या को देखते हुए घंटाघर की तरफ स्थित नौ नम्बर प्लेटफार्म पर गाड़ी का ठहराव दिया गया, ताकि निकलते हुए श्रमिकों को काफी चलकर न जाने पड़े। यहां पर सुरक्षा कर्मी पीपीई किट पहनकर मुस्तैद थे। वहीं सुरक्षा की जिम्मेदारी जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन राय के कंधो पर थी तो वहीं आरपीएफ इंस्पेक्टर पीके ओझा भी स्टेशन परिसर में अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहें। साथ ही सीटीएम हिमांशु शेखर उपाध्याय भी इस कड़ी चुनौती को अपने कर्मियों की टीम के साथ देखते रहे हैं।

रोडवेज ने लगाई 45 बसें
सेन्ट्रल स्टेशन पर आई प्रवासी स्पेशल ट्रेन से 1250 श्रमिक लाए गए। इनके स्टेशन से गंतव्य तक जाने के लिए परिवहन विभाग ने कानपुर परिक्षेत्र की 45 बसों को लगाया गया। झकरकटी बस अड्डे के एआरएम राजेश सिंह ने बताया कि रीजन की 45 बसें प्रवासियों को घरों के आसपास पहुंचाने के लिए लगाई गई हैं। बसों में चालक व परिचालकों को सभी एहतियात बरतने के साथ ही बसों को सेनेटाइज कराया गया था, ताकि संक्रमण की आशंका न रहें। गाड़ियों के वापस आने पर उन्हें दोबारा सेनेटाइज कराया जाएगा। एआरएम ने बताया कि गोधरा स्पेशल श्रमिक ट्रेन में जो 1250 श्रमिक आये हैं वह कानपुर सहित आस-पास के 35 जनपदों के रहने वाले हैं और इन सभी को गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।

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