कोरोना के चलते १८ विदेशी छात्र शहर में फंसे, एलआईयू कर रही निगरानी

विदेशी फ्लाइटें बंद होने के बाद आईआईटी में रुके

यूथोपिया, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से आए थे छात्र

कानपुर। कोरोना के चलते विदेशी छात्रों का एक दल शहर में फंस गया है। विदेशों से आने-जाने वाली फ्लाइटों को निरस्त किए जाने से यह विदेशी छात्र वापस नहीं जा पा रहे हैं। इनकी जानकारी मिलने के बाद लोकल इंटेलीजेंस यूनिट ने इनकी निगरानी शुरू कर दी है। इनकी प्रतिदिन की जांच की जा रही है। आशंका है कि इनमें कोई भी छात्र संक्रमित न हो। दूसरी तरफ नानकारी के लोगों को निकलने का रास्ता दिए जाने के बाद उनकी भी जांच तेज कर दी गई है।

१८ विदेशी छात्र बने एलआईयू की मुसीबत
आईआईटी में १८ विदेशी छात्रों का एक डेलीगेशन रुका हुआ है। इसकी जानकारी होने पर एलआईयू जानकारी जुटाने में लगी हुई है। कुछ समय पहले अफ्रीका के यूथोपिया, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से 18 छात्रों का एक दल आईआईटी पहुंचा। यहां पर उनका प्रोजेक्ट और जानकारियां पूरी हो पातीं, उससे पहले विदेशों से आने-जाने वाली फ्लाइटों को निरस्त कर दिया गया। इस पर यह दल संस्थान में ही रुक गया। वर्तमान में उन्हें हॉस्टल में रखा गया है। इसकी जानकारी एलआईयू को मिली तो पासपोर्ट कार्यालय से और जानकारियां जुटाईं। अब इन सभी छात्रों की तबीयत की रोज रिपोर्ट तैयार हो रही है।

अन्य संस्थानों में भी हो रही खोज
आईआईटी के अलावा सीएसजेएमयू, सीएसए और स्टेप एचबीटीआई में भी विदेशी छात्रों के होने की संभावना पर वहां भी खोजबीन की जा रही है, ताकि कोई भी ऐसा विदेशी छात्र न छूटने पाए, जिसके कोरोना से संक्रमित होने की आशंका हो। एलआईयू प्रभारी अनुपम ने बताया कि आईआईटी में यह दल आया हुआ है। रोज इन विदेशी छात्रों की तबीयत की जानकारी लेकर उच्च अधिकारियों को दी जाती है।

नानकारी के हर व्यक्ति की हो रही जांच
दूसरी ओर नानकारी से आईआईटी होकर गुजरने वाले हर व्यक्ति की जांच हो रही है। बिना जांच के कोई भी उस रास्ते का इस्तेमाल नहीं कर सकता। पहले नानकारी के लोगों को आईआईटी परिसर से होकर गुजरने पर रोक लग गई थी, जिसे कुछ दिन पहले हटाया गया है। मगर किसी भी व्यक्ति को बिना जांच के नहीं जाने दिया जा रहा है।

आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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