नवजात बच्चे की रिपोर्ट आई कोरोना पाॅजीटिव, डाॅक्टर ने गर्भवती महिलाओं को दी सलाह


गर्भवती महिला थी कोरोना वायरस से संक्रमित, जन्म के बाद बच्चे की रिपोर्ट आई पाॅजीटिव, डाॅक्टर ने दी सलाह, ये लक्षण दिखे तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें सूचना।

By: Vinod Nigam

Published: 18 May 2020, 10:20 AM IST

कानपुर। कोरोना वायरस लगातार अपने पांव तेजी के साथ पसार रहा है। अभी तक इंसानों को अपना शिकार बनाने वाले किलर की चपेट में नवजात आ रहे हैं। रविवार को आई रिपोर्ट में 17 दिन का बच्चा कोरोना पाॅजीटिव निकाला। डाॅक्टर ने मां के साथ बच्चे को कोविड-19 वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है।

17 दिन पहले मां कोरोना पाॅजीटिव
सीएमओ डाॅक्टर अशोक शुक्ला ने बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की कोविड-19 लैब की रविवार दोपहर आई जांच रिपोर्ट में नवजात समेत तीन और पॉजिटिव केस सामने आए हैं। जिनमें कर्नलगंज के निवासी गर्भवती महिला का 17 दिन पहले प्रसव हुआ था, उस समय वह कोरोना पॉजिटिव मिली थी। उसे जाजमऊ के ईएसआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल टीम बच्चे को दादी के साथ अस्पताल लेकर आई है। बच्चे को उसकी मां के पास रखा गया है।

जन्म के बाद कोरोना पाॅजीटिव
सीएमओ ने बताया कि कोरोना वायरस से गर्भवती या गर्भ में पल रहे बच्चे को किसी तरह के खतरे के प्रमाण अब तक सामने नहीं आए हैं। इसलिए उन्हें घबराने की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत है। ये 17 दिन का जो बच्चा कोरोना पाॅजीटिव आया है। वह जन्म के वक्त ठीक था। हो सकता है कि मां के संपर्क में आने के कारण बच्चा संक्रमण का शिकार हो गया हो। डाॅक्टरों की टीम इस पर रिसर्च कर रही है। अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा कोरोना पाॅजीटिव गर्भवती महिलाएं अस्पताल में भर्ती हुई हैं। ये पहला केस है जो कोरोना से संक्रमित पाया गया है।

ये दवाओं का करें इस्तेमाल
सीएमओ ने बताया कि गर्भवती अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता और एएनएम के संपर्क में रहें। आशा और एएनएम की ओर से दी जाने वाली आयरन फोलिक एसिड की 180 और कैल्शियम की 360 गोलियों का सेवन करें। कोरोना संक्रमण से गर्भवती को बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। गर्भवती में कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो वे प्रसव के लिए अस्पताल जाने के लिए 108 ऐम्बुलेंस का इस्तेमाल करें। गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच और सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पतालों में पहले ही निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही गर्भवती को जागरूक करने के लिए पम्फलेट-पोस्टर और प्रचार-प्रसार के अन्य साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्वास्थ्य पर दें ध्यान
डाॅकटर केके शर्मा बताती हैं कि प्रेंग्नेसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, इसलिए उन्हें कोई भी इंफेक्शन या फ्लू आसानी से हो सकता है।। इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। डाॅक्टर केके शर्मा कहती हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। खांसी के दौरान अपने मुंह को ढक कर रखें। टिश्यू ना होने पर खांसी के समय अपने हाथ की बाजू से मुंह ढकें। बीमार लोगों से बिल्कुल भी न मिलें। भीड़ वाली जगहों पर ना जाएं। समय-समय पर हाथ धोते रहें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें। सावधानी रखें लेकिन घबराएं नहीं। क्योंकि स्ट्रेस आपके बच्चे के लिए घातक हो सकता है।

ये लक्षण दिखने पर तत्काल कराएं जांच
डाॅक्टर केके शर्मा के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव होना, खून की कमी (कमजोरी या थकान महसूस होना), बुखार आना, पेडू में दर्द, योनि से बदबूदार पानी आना, उच्च रक्तचाप (अत्यधिक सिर दर्द, झटके आना या दौरे पड़ना) और गर्भ में पल रहे शिशु का कम घूमना जैसे लक्षण नजर आने पर तत्काल 102 ऐम्बुलेंस की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं। प्रसव के समय यदि कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं तो भी 102 ऐम्बुलेंस की मदद लें। यदि कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार या सांस फूलने की समस्या होने पर 108 ऐम्बुलेंस का ही इस्तेमाल करें।

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