खुद को डीआरएम का रिश्तेदार बताकर दिया नौकरी का झांसा, २३.५ लाख ठगे

खुद को डीआरएम का रिश्तेदार बताकर दिया नौकरी का झांसा, २३.५ लाख ठगे

Alok Pandey | Updated: 26 Jul 2019, 02:01:07 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

 

थमाया फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, अधिकारियों पर लगा ये आरोप
छह लोगों के खिलाफ दर्ज कराया गया धोखाधड़ी का मामला

कानपुर। रेलवे में नौकरी का झांसा देकर एक शातिर ने पांच लोगों से २३.५ लाख रुपए ठग लिए और फर्जी ज्वानिंग लेटर थमा दिया। जब पीडि़तों को ठगे जाने का एहसास हुआ तब जाकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीडि़तों ने इस मामले में रेलवे के अफसरों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है।

डीआरएम कोटे से नौकरी का दिया झांसा
बिहार निवासी पिंटू कुमार की मुलाकात कुशीनगर निवासी विजय शुक्ला से बिहार में हुई थी। विजय ने खुद को झांसी डीआरएम का रिश्तेदार बताया और डीआरएम कोटे से नौकरी दिलाने का दावा किया। पिंटू उसके झांसे में आ गया और उसने अपने दोस्तो प्रमोद कुमार साहू, सिवान के विशाल कुमार ङ्क्षसह, रोबिन कुमार सिंह और छपना के सुनील कुमार को भी उससे मिलवाया। सभी ने विजय की बातों पर भरोसा कर दिया और पैसे देने को राजी हो गए।

नौबस्ता चौराहे पर हुआ सौदा
19 फरवरी को विजय सभी को लेकर नौबस्ता चौराहे पहुंचा, जहां सफेद रंग की गाड़ी में तीन लोग बैठे थे। इनमें से एक ने खुद को झांसी डीआरएम पंकज कुमार बताया। दोनों ड्राइवर और चपरासी थे। वहीं, पर 50-50 हजार रुपये लिए गए। 20 फरवरी को मेडिकल सर्टिफिकेट देकर ट्रेनिंग उसे और प्रमोद को छपरा जंक्शन ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। जबकि बाकी दोस्तों को सिवान भेजा।

ट्रेनिंग दिलाकर थमाया फर्जी ज्वानिंग लेटर
दो महीने 10 दिन की ट्रेनिंग के बाद खुद को डीआरएम बताने वाले पंकज ने नौबस्ता चौराहे पर फिर मुलाकात की। वहीं उससे पांच लाख रुपये और बाकी दोस्तों से चार-चार लाख रुपये लिए गए। इसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे के आई कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर थमाकर दिल्ली पहुंचने को कहा। फिर सभी दिल्ली पहुंचे, जहां उन्नाव के आशुतोष मिश्रा उर्फ आशु, पटना के मनोज कुमार सिंह, दिनेश और नासीर के साथ विजय मिला।

दिल्ली में चकमा देकर हुए फरार
दिल्ली में शातिरों ने आई कार्ड, ज्वाइनिंग लेटर और उनके मोबाइल ले लिए और कहा कि कल से सभी की नौकरी शुरू हो जाएगी। कुछ देर में मिलने के बाद भी सभी रफूचक्कर हो गए। काफी समय बीतने के बाद फोन बूथ से कॉल करके संपर्क की कोशिश की, तो सभी के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिले। थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह का कहना है कि जांच करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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