अफसरों की गलती से डूब गए ३२ करोड़, अब समझ में आ रही गलती

अफसरों की गलती से डूब गए ३२ करोड़, अब समझ में आ रही गलती

Alok Pandey | Updated: 23 Sep 2019, 02:46:11 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बनाए गए आईटीएमएस का अस्तित्व होगा खत्म

सिस्टम फेल होने पर अब नगर निगम के कमांड सेंटर से ही होगा संचालन

कानपुर। अफसरों की मनमानी और लापरवाही ने ३२ करोड़ रुपए बर्बाद कर दिए। शहर में 32 करोड़ की लागत से तैयार किए गए आईटीएमएस का अस्तित्व खत्म होगा। अब पूरे आईटीएमएस सिस्टम को स्मार्ट सिटी के अंतर्गत बन रहे कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। इसकी कवायद भी शुरू हो गई है। नई व्यवस्था के अंतर्गत नगर निगम कमांड सेंटर से ही पूरे शहर का ट्रैफिक चलेगा। वहीं से ट्रैफिक नियम को तोडऩे वालों का आटोमेटिक चालान होगा। कमांड सेंटर पर ही बैठकर ट्रैफिक विभाग के पुलिस कर्मी पूरे सिस्टम को चलाएंगे। ऐसे में आईटीएमएस को तैयार करने में लगाए गए करोड़ रुपयों पर सवाल उठने लगे हैं।

बिना तैयारी के बना डाली योजना
अफसरों की माने तो लखनऊ व दिल्ली के मैनुवल ऑपरेटेड सिस्टम को छोड़कर आईटीएमएस ने शहर की स्थिति और ढांचे को समझे बिना आटोमेटिक सेंसर बेस्ड सिग्नल लगा दिए, जो पूरी तरह से फेल साबित हुए। सेंसर से सिग्नल चल ही नहीं पा रहे। आईटीएमएस को ठीक से तैयार ही नहीं किया गया और कभी भी पूरी तरह से आईटीएमएस चला ही नहीं। आखिरकार हारकर ट्रैफिक विभाग की ओर से सिग्नलों को लखनऊ की तरह अब टाइमर के जरिए फिर से चलाया जा रहा है। ट्रायल के रूप में बड़ा चौराहा, नरोना, परेड और टाटमिल पर टाइमर को लगाया गया है।

पूरी तैयारी बिना ही सीएम से करा दिया लांच
आईटीएमएस को पांच मई 2018 को अधिकृत रूप से शहर में सीएम ने लांच किया था। 68 चौराहों पर आईटीएमएस के अंतर्गत सिग्नल को लगाया गया। सिग्नल लगा दिया, फिर भी वहां पर बिजली की व्यवस्था नहीं की गई। चौराहों और सिग्नल के करीब जगह-जगह होर्डिंग लगने से सिग्नल को फ्रिक्वेंसी मिलनी बंद हो जाती है। इससे भी सिग्नल काम करना बंद कर देते हैं।

बिना समझे किया गया काम
एसपी ट्रैफिक सुशील कुमार भी मानते हैं कि स्थिति को देखे बिना लखनऊ व दिल्ली के इतर जिले में आटोमेटिक सेंसर बेस्ड सिग्नल को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि यह कानपुर के लिए ठीक नहीं है। इसलिए टाइमर को लगवाया जा रहा है, जिससे आईटीएमएस को चलाया जा सके। कमांड सेंटर से 24 चौराहों से आटोमेटिकल चालान की व्यवस्था की जा रही है। आईटीएमएस को उसी से जोड़ा जाएगा।

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