करेंसी चेस्ट में पहुंच रहे नोटबंदी के बाद बंद हुए पांच सौ के नोट, कानपुर रीजन में चार साल में आ चुके 5200 नोट

-नोटबंदी के बाद के 500 के नोट करेंसी चेस्ट पहुंच रहे,
-आरबीआई ने नोटबंदी समय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के बैंको को दिए निर्देश,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 11 Jun 2021, 09:06 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. नोटबंदी (Demonetaisation) हुए लंबा अरसा गुजरने के बाद भी 500 के पुराने नोट (Old Note) करेंसी चेस्ट (Currency Chest) में पहुंच रहे हैं, जिसे रिजर्व बैंक (Reserve Bank) ने संज्ञान में लिया है। बताया गया कि अकेले कानपुर रीजन में चार साल में 5200 पुराने नोट आ चुके हैं। आरबीआई (RBI Kanpur) द्वारा सभी करेंसी चेस्ट और बैंक शाखाओं को नोटबंदी 8 नवंबर 2016 से 31 दिसंबर तक के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन फुटेज का इस्तेमाल जांच एजेंसियां करेंगी। सभी बैंकों से आरबीआई ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान की सीसीटीवी फुटेज सभी शाखाओं और करेंसी चेस्ट सुरक्षित रखना होगा।

ये निर्देश आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर पी. विजय कुमार ने दिए हैं। बताया गया कि किसी भी बैंक ब्रांच में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग स्टोरेज क्षमता 3 से 6 महीने तक होती है पर नोटबंदी के दौरान 8 नवंबर से 31 दिसंबर की सीसीटीवी फुटेज बैंकों ने मदर बोर्ड में सुरक्षित रख ली थी। ये मदर बोर्ड बैंक में ही अति सुरक्षित लॉकरों में रखे गए हैं। नोटबंडी के बाद चलन से बाहर हुई करेंसी को आरबीआई में ही नष्ट किया गया है। कानपुर में ऐसी करेंसी को नष्ट करने का प्लांट है। इस करेंसी को सीवीपीसी सिस्टम के जरिए अलग किया गया है। फिर इनके महीन टुकड़े कर ईंट बनाई गईं।

Arvind Kumar Verma
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