रोती बिलखती शिक्षिका ने खुद को किया स्कूल में बंद, लगाए अफसर पर ये आरोप, जानिए

इस प्रकरण को लेकर वह जिलाधिकारी व शिक्षा सचिव (शासन स्तर) से शिकायत भी कर चुकी हैं।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 26 Aug 2020, 04:57 PM IST

कानपुर देहात-जनपद कानपुर देहात में सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने बीएसए पर प्रताड़ित करने और भ्रष्टाचार करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। प्रधानाध्यापिका द्वारा मना करने पर बीएसए ने वेतन वृद्धि रोक प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्यवाही कर दी है। बीएसए द्वारा की गयी कार्यवाही से आहत प्रधानाध्यापिका ने स्कूल में बने कमरों में खुद को बन्द कर लिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस बल ने कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए प्रधानाध्यापिका को बाहर निकाला। वहीं प्रधानाध्यापिका बाहर निकलते ही बेहोश गयी। जिन्हे एम्बुलेंस द्वारा इलाज के लिये सीएचसी पुखरायां में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद शिक्षिका को घर भेजा गया। वहीं स्कूल में जाँच करने पहुंचे खण्ड शिक्षा अधिकारी भी बीएसए द्वारा की गयी कार्यवाही से हैरान नजर आये। फिलहाल खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका को एक सप्ताह का अवकाश देकर आराम करने को कहा है। इस प्रकरण को लेकर वह जिलाधिकारी व शिक्षा सचिव (शासन स्तर) से शिकायत भी कर चुकी हैं। बाबजूद इसके अभी तक किसी अधिकारी ने कोई संज्ञान नहीं लिया है।

प्रधानाध्यापक लता अग्निहोत्री ने बताया कि बीएसए ने अपने चहेते ठेकेदारों द्वारा विद्यालय में फर्नीचर भिजवा दिया। फर्नीचर स्कूल में टूटा उखड़ा हुआ भेजा गया था। बीएसए फर्नीचर का भुगतान चेक से करने का दबाव बना रहे हैं। भुगतान करने से मना किया तो बीएसए द्वारा वेतन वृद्धि रोक दी गई और विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कहकर मानसिक प्रताडऩा दी जा रही है। वहीं शिक्षिका ने कहा कि चुनाव के दौरान विद्यालय की वायरिंग कराने के लिए कहा गया था। आदेश के बाद उन्होंने हैविल्स कंपनी के पंखे और ब्रांडेड कंपनी के वायर से वायरिंग करा दी। जिसके बाद अब उन्हे वायरिंग को लेकर भी प्रताणित किया जा रहा है। बीएसए की प्रताडऩा के चलते प्रधानाध्यापक ने खुद को स्कूल के कमरे में बंद कर लिया था। जिसकी सूचना के बाद एसडीएम राजीव राज और चौकी इंचार्ज अतुल गौतम मौके पर पहुंचे थे और समझा बुझाकर दरवाजा खुलवाया था। बाहर आते ही वो बेहोश हो गयी थी। इसके बाद उनको सीएचसी ले जाया गया था। इलाज के बाद डॉक्टर ने आराम करने की सलाह देकर घर भेज दिया था। वहीं एसडीएम से प्रधानाध्यापक ने बीएसए की प्रताडऩा की बात बताई थी। विद्यालय फंड से पांच हजार की चेक काटे जाने का दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षिका का डर के साए में रो रोकर बुरा हाल है।

वहीं मामले की जांच करने खंड शिक्षा अधिकारी उदय कटियार स्कूल पहुंचे। जहां मौजूद प्रधानाध्यापिका से खण्ड शिक्षाधिकारी ने बात कर विद्यालय के फर्नीचर और वायरिंग को देखा। वहीं ठेकेदारों द्वारा भेजा गया टूटा व उखड़ा फर्नीचर भी देखा। खण्ड शिक्षाधिकारी ने वायरिंग ब्रांडेड कंपनी की लगी पाई और पंखे हैविल्स कंपनी के लगे मिले। जब प्रधानाध्यापक लता अग्निहोत्री से प्रकरण के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बीएसए के उत्पीडऩ का मामला बताया। उन्होंने कहा कि उनसे भृष्टाचार कराने का दबाव बनाया जा रहा है। जांच करने पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी उदय कटियार ने बताया कि विद्यालय में वायरिंग व पंखे ब्रांडेड कंपनी के लगे हैं। फर्नीचर सही नहीं मिला है। प्रधानाध्यापक के मामले से वह खुद हैरत में हैं। प्रधानाध्यापक को सात दिन के लिए आराम करने के लिए अवकाश दे दिया है।

Arvind Kumar Verma
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