सरकार कह रही गांव-गांव होगा ओडीएफ, यहां तो जाति के आधार पर मिलते शौंचालय

Arvind Kumar Verma

Publish: Nov, 10 2018 05:31:49 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 05:31:50 PM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर देहात-जनपद का एक ऐसा गांव, जहां समाज के तुच्छ मानसिकता के लोगों ने सरकार लाभकारी योजना में भी समाज को जातियों में लाकर रख दिया। कानपुर देहात में स्वच्छ भारत मिशन अभियान की धरातल पर पोल खोलता मकरंदपुर कहिंजरी गांव, जहां मुख्यता दलित समाज के लोग निवास करते हैं। इस समुदाय से अलग ग्राम प्रधान द्वारा यहां शौंचालय मुहैया नही कराए जाने से ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। एक तरफ केन्द्र सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर शिकंजा कस रही है, वहीं समाज के इन जिम्मेदारों को सरकार के आदेशों की कोई परवाह नही है। हालांकि ग्रामीणों ने ग्रामप्रधान से कई बार गुहार लगाई वाबजूद ग्रामीणों को शौंचालय मुहैया नहीं कराए गए।

 

दरअसल ऐसा ही मामला जनपद कानपुर देहात के रसूलाबाद विकास खण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मकरन्दपुर कहिंजरी में देखने को मिला है, जहाँ पर महिला ग्राम प्रधान अंजू पांडेय के द्वारा बाल्मीक समाज के लोगों को आज भी शौंचालय मुहैया नहीं कराया गया। इसलिए ये मजबूर ग्रामीण आज भी खुले में शौंच जाने को मजबूर है। देखा जाए तो समाज के जिन लोगों ने जीवन भर दूसरों की सेवा की। आज वही दलित समाज के लोग पुरुष व महिलाएं बाहर खुले में शौंच जाने के लिए मजबूर हैं। ब्लॉक अधिकारियों व ग्राम प्रधान पति की मिलीभगत के चलते इन दलितों का मजाक उड़ाया जा रहा हैं। जहाँ आज भी ग्राम प्रधान की कारनामे की वजह से लोगो को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा हैं। हैरत की बात तो यह कि भूमिहीन होने के बाद भी इन बेचारों के राशन कार्ड भी नहीं बनाए गए हैं।

 

सरकार की सख्ती के बावजूद अधिकारियों व ग्राम प्रधान की मनमानी की कार्य गुजारी खुलकर सामने आ रही हैं। अब देखने की बात है कि जिले के मुखिया खुले में शौच मुक्त की बात करते हैं, क्या इसी को कहेंगें खुले में शौच मुक्त ओडीएफ ग्राम पंचायत। ऐसे धरातल पर कैसे सफल साबित हो सकेगा प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत घर घर शौचालय का सपना।

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