शराब बांटकर चुनाव जीतने वाले नेताओं पर लगा आजीवन प्रतिबंध

आईआईटी के स्टूडेंट जिमखाना चुनाव में की गई कार्रवाई
अध्यक्ष, जनरल सेक्रेटरी और सीनेटर को पद से हटाया गया

कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान में स्टूडेंट जिमखाना चुनाव में शराब बांटकर मतदाताओं को प्रभावित करने वाले पदाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं उन पर आजीवन चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। यह चुनाव २० जनवरी को हुए थे, जिसके बाद पदाधिकारियों पर शराब पार्टी कराने के आरोप लगे थे। जांच कराने के बाद संस्थान ने यह कार्रवाई की है।

तीन पदाधिकारियों पर गिरी गाज
आईआईटी के स्टूडेंट जिमखाना चुनाव में अध्यक्ष अभिषेक सिंह, जनरल सेक्रेटरी (मीडिया एंड कल्चर) हर्ष ठाकुर और सीनेटर यतीश शर्मा को पद से हटा दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव के दौरान शराब पार्टी कराई थी।

जांच में आरोप साबित
चुनाव के दौरान शराब पार्टी को लेकर छात्रों ने आरोप लगाए थे, जिसके बाद आईआईटी प्रशासन ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पदाधिकारियों ने शराब पार्टी दी थी। जिसके बाद अध्यक्ष और जनरल सेक्रेटरी पर आजीवन चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध लगाया गया, जबकि सीनेटर को २०२० तक प्रतिबंधित किया गया है।

पदों पर दूसरों का चयन
आईआईटी स्टूडेंट जिमखाना चुनाव में निर्वाचित हुए पदाधिकारियों को हटाने के बाद स्टूडेंट सीनेट ने दो प्रमुख पदों के लिए उपचुनाव कराया। जिसमें रिदम पाठक को कार्यवाहक अध्यक्ष और चित्रल गुप्ता को कार्यवाहक जनरल सेक्रेटरी चुना गया है।

पूर्व सीनेट चेयरमैन पर भी थे आरोप
चुनाव के दौरान दी गई शराब पार्टी में स्टूडेंट सीनेट के चेयरमैन रहे आयुष अग्रवाल के शामिल रहने की भी बात कही गई थी। आयुष सहित अन्य पदाधिकारियों पर भी उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने की बात कही गई थी। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि जनरल सेक्रेटरी बने हर्ष ठाकुर द्वारा आयोजित कराई गई इस पार्टी में इलेक्शन कमीशन के कुछ सदस्य भी मौजूद थे।

आलोक पाण्डेय
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned