39 साल बाद आया फैसला, 6 मिलावटखोरों को 6 महीने की सजा

39 साल बाद आया फैसला, 6 मिलावटखोरों को 6 महीने की सजा

Alok Pandey | Publish: Sep, 07 2018 01:19:47 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर 39 साल से चल रहे मुकदमे में एमएम फर्स्‍ट कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. 2 अलग-अलग मामलों में 6 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिसमें सभी आरोपियों को 6 महीने की सजा और 20,000 रुपए का जुर्माना, जबकि 2 फर्म पर कुल 1.50 लाख का जुर्माना लगाया गया.

कानपुर। शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर 39 साल से चल रहे मुकदमे में एमएम फर्स्‍ट कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. 2 अलग-अलग मामलों में 6 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिसमें सभी आरोपियों को 6 महीने की सजा और 20,000 रुपए का जुर्माना, जबकि 2 फर्म पर कुल 1.50 लाख का जुर्माना लगाया गया. ये फैसला इस लिहाज से भी काफी अहम है क्‍योंकि अक्‍सर मिलावटखोरी के मामलों में लापरवाही बरती जाती है. जिसके चलते शहर की क्‍या पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि इस फैसले को भी आने में बहुत लंबा वक्‍त लगा, लेकिन फिर भी इस निर्णय से मिलावटखोरों के दिल में थोड़ा सा भय तो जरूर पैदा हुआ होगा.

ऐसी मिली है जानकारी
बता दें कि 5 अप्रैल 1978 को तत्कालीन सीएमओ ने आर्य नगर स्थित भारत डेयरी एंड बेकरी से सिंथेटिक सिरका का सैंपल भरा था, जो जांच में मिलावटी पाया गया, इस मामले 1979 में वाद दायर किया गया. इसमें 7 लोगो को आरोपी बनाया गया था.

लगाया गया जुर्माना भी
मामले में लंबी चली सुनवाई के बाद एमएम फर्स्‍ट कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी आर्य नगर निवासी विनोद कुमार, राम प्रकाश कटियार, चंद्र प्रकाश कटियार, सुरेश चंद्र कटियार, ओम प्रकाश कटियार को दोषी मानते हुए 6 महीने की सजा और 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि भारत डेयरी एंड बेकरी पर 50 हजार रुपए जुर्माना और फर्रूखाबाद स्थित फजल इमाम स्थित विजय इंटरप्राइजेज पर 1 लाख का जुर्माना लगाया.

जुर्माने के साथ मिली जेल भी
ऐसे ही एक अन्य मामले में 21 नवंबर 1990 को खाद्य प्रतिष्ठान यूनाइटेड इंडिया फूड्स और नवाबगंज स्थित विक्रेता फेयर डील पर छापेमारी की गई थी. इसमें केसर इलायची का सैंपल कलेक्ट किया गया था, जो जांच में खाने योग्य नहीं पाया गया. एमएम फर्स्‍ट कोर्ट ने विक्रेता विजय कुमार गुप्ता को दोषी मानते हुए 6 महीने की जेल और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया.

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