अब आया डेंगू का संकट तो हुआ स्वास्थ्य विभाग सतर्क, टीमें हुई गठित, जानिए कैसे बचा जाए

अब आया डेंगू का संकट तो हुआ स्वास्थ्य विभाग सतर्क, टीमें हुई गठित, जानिए कैसे बचा जाए

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 07 2018 12:58:52 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

बारिश के बाद जलभराव व गंदगी के चलते जिले में बुखार के बाद अब डेंगू का प्रकोप भी फैल गया है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दस स्वास्थ्य टीमें ब्लाकवार गठित कर दी हैं और ये सावधानियां लोगों को बताई है।

कानपुर देहात-बीते दो माह से जनपद में बुखार का प्रकोप बरस रहा था, वो अब भयावह रूप लेने लगा है। भारी बारिश के बाद गांवों में हुए जलभराव व गंदगी से बड़ी संख्या में लोग बीमारी की चपेट में हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। फिलहाल दो माह में बुखार से 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज में शिव पुरम सेहू रामपुर के एक किशोर का परीक्षण हुआ, जिसमें डेंगू की पुष्टि होने के बाद अब डेंगू को लेकर एक नये संकट की आशंका को लेकर मलेरिया विभाग सतर्क हो गया है।

 

बीमारी से संक्रमित हुए गांव

जिले में बारिश के बाद गंदगी व जलभराव से मलेरिया, वायरल बुखार, डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। जनपद के मैथा ब्लाक के औनहां, मरहमता बाद ,बाघपुर व सरैंया लालपुर सहित अन्य गांव एवं झींझक ब्लाक के रानेपुर रसूलाबाद गांव में बीमारी का प्रकोप फैल चुका है। जबकि जगजीवनपुर, डभारी, आशापुरवा, नोनारी, मुक्तापुर टड़वारा , अस्तिया रानेपुर, मुडेरा, रूरा आदि स्थानों के 11 लोगों की दो माह के अंदर मौत हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त अब ये बीमारी नये-नये गांवों को अपनी चपेट में ले रही है, जिससे मलेरिया पीड़ितों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। बताया गया कि जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इससे पर्चा बनवाने, डाक्टर को दिखाने व दवा लेने को मरीजों को लाइन लगानी पड़ रही हैं। बताया कि दो माह में 84 मरीज मलेरिया से पीड़ित पाए गए हैं। जबकि पिछले माह जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर में परीक्षण के बाद रसूलाबाद के शिव पुरम पुरवा (सेहू रामपुर) गांव के बुखार पीड़ित 15 वर्षीय अनुज पुत्र सुरेश को डेंगू की पुष्टि के बाद मलेरिया विभाग को भी सतर्क कर दिया गया है।

 

मच्छर जनित बीमारी से कैसे बचें

-कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें।

-घर में कीट नाशक दवा छिड़कें, पानी न जमा होने दें।

-बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे हाथ पैर ढके रहें।

-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। मच्छर भगाने वाली दवा का प्रयोग करें।

- नालियों में जला तेल या केरोसिन डालें।

 

बोले जिम्मेदार

मारूति दीक्षित जिला मलेरिया अधिकारी कानपुर देहात ने बताया कि जिले में वैक्टर जनित बीमारी पर नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ब्लाक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों को डीडीटी डिमांड के अनुरूप उपलब्ध कराई जा चुकी है। स्टाक में 750 किग्रा. डीडीटी उपलब्ध है। 150 पैकेट डीडीटी की डिमांड की गई है। इसके अलावा 300 लीटर टेमीफास, 150 किग्रा बीटीआई भी जिले में उपलब्ध है। मानव संसाधन की कमी के बाद भी उपलब्ध व्यवस्था से ही बीमारी नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।

 

बोले संक्रामक रोग जिला प्रभारी

डॉक्टर एपी वर्मा डिप्टी सीएमओ एवं संक्रामक रोग प्रभारी ने कहा कि जिले में बीमारी नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर एक व ब्लाक स्तर पर दस रैपिड रिस्पांस टीमें गठित हैं। प्रभावित गांवों में टीमें भेजकर मरीजों का इलाज कराया जा रहा है। रसूलाबाद के शिव पुरमपुरवा (सेहू रामपुर) में डीडीटी का छिड़काव व मरीज के परिवार के सभी सदस्यों के अलावा पड़ोसियों की रक्त पट्टिकाएं भी बनवाई गईं हैं। मलेरिया पीड़ित सभी 84 मरीजों का उपचार कराया जा चुका है। जलभराव वाले 93 गांवों व मलेरिया विभाग द्वारा चिन्हित 150 संवेदनशील गांवों में नजर रखी जा रही है।

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