मृतक के रोते बिलखते परिवार का हाल पूंछने पहुंचे योगी के विधायक, फिर की प्रशासन की घोर निंदा

मृतक के रोते बिलखते परिवार का हाल पूंछने पहुंचे योगी के विधायक, फिर की प्रशासन की घोर निंदा

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 12 2018 12:52:53 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

बीते माह शिवली हवाई पट्टी के चलते हुये जलभराव को लेकर पुलिस व ग्रामीणों के बीच बवाल हुआ था, जिसमें जेल गये एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गयी। परिजनों का हाल लेने पहुंचे एटा सदर विधायक ने प्रशासन की जमकर निंदा की।

कानपुर देहात-रोते बिलखते अपने बेटे पर हुए जुल्म के बाद मौत तक की दास्तां बयां कर रही एक बूढ़ी मां का दर्द क्षेत्रीय विधायक से लेकर कोई इंसाफ का प्रहरी सुनने तक नहीं आया। बेटे की मौत का जख्म अभी भी नासूर बनकर उसको बेइंतहा तकलीफ दे रहा है। बस उस वृद्धा की एक ही गुजारिश है कि उसके बेगुनाह बेटे को तड़पा तड़पाकर मौत के घाट उतार दिया गया, उन गुनाहगारों को सजा दी जाए। ये और कोई नहीं उस मृतक अमित कुमार की मां है, जो शिवली क्षेत्र के बगुलाही में अपनी ससुराल से पत्नी को लेने आया था। दरअसल उस दौरान जलभराव के चलते पुलिस और वहां के ग्रामीणों के बीच बवाल हुआ था। मृतक की मां का आरोप है कि अमित को तो कुछ पता भी नही था और पुलिस ने उसे उठाकर थाने में ले जाकर जानवरों की तरह पीटा। हालात बिगड़ने पर उसे जेल भेज दिया। वहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। न्याय के लिए दर दर ठोंकरे खाने के बाद कोई सुनवाई नही हो रही है। रोने के सिवाय उसके पास कोई रास्ता नही बचा है।

 

ये था पूरा मामला

बता दें कि अनारकली औरैया ज़िले के फफूंद की रहने वाली है और 4 साल पहले उसके बेटे अमित कुमार की शादी शिवली कोतवाली के बगुलाही गांव में रामाधार की बेटी रेखा से हुई थी। बीती 1 अगस्त को अमित अपनी ससुराल बगुलाही गांव आया था। इस दरमियान शिवली कोतवाल महेन्द्र प्रताप सिंह लाव लश्कर के साथ आये और अमित कुमार व उसके ससुर रामाधार को उठा ले गए। दरअसल कुछ दिन पूर्व शिवली कोतवाली क्षेत्र में मरहमताबाद हवाई पट्टी की बाउंड्री तोड़ने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में बवाल हुआ था, जिसमें एक दर्जन नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस उसी मामले में अमित व उसके ससुर रामाधार को उठा लायी थी। जबकि परिजनों का कहना है कि अमित का उस मामले से कोई लेना देना नही था। बावजूद इसके पुलिस अमित को थाने ले आये, जिसके बाद थाने में अमित की जमकर पिटाई की गई थी। हालत बिगड़ने पर उसे जेल भेज दिया था।

 

दुख दर्द पूंछने पहुंचे एटा सदर विधायक ने प्रशासन की निंदा की

वहीं मृतक परिजनों का कहना है कि आज 1 महीने के ऊपर समय होने के बाद भी शासन व प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है और ना ही कोई दुख दर्द पूछने आया। इस प्रकरण में आज जनपद एटा से सदर विधायक व अखिल भारतीय लोधी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशन कुमार डेविड ने मौके पर जाकर प्रशासन की घोर निंदा करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद अभी तक प्रशासन में कोई हलचल नहीं है, यह बहुत बड़े दुख की बात है। उन्होंने आश्वासन देते हुये कहा यहां से लेकर मुख्यमंत्री को इस मामले से अवगत कराया जाएगा। वहीं सीओ रसूलाबाद आरके मिश्र का कहना था कि उसको कोर्ट में पेश कर जेल भेजने के पहले मेडिकल कराया गया था। ब्लड प्रेशर की बीमारी के चलते जेल व जिला अस्पताल में उसका इलाज कराया गया था। पोस्टमार्टम व मजिस्ट्रेट की जांच में हकीकत खुद ही सामने आ जाएगी।

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