एससी-एसटी कानून के विरोध में प्रदर्शन कारियों ने रेलवे पर दी दस्तक, फिर किया था ये काम, अब पुलिस पर सवालिया निशान हुए खड़े

एससी-एसटी कानून के विरोध में प्रदर्शन कारियों ने रेलवे पर दी दस्तक, फिर किया था ये काम, अब पुलिस पर सवालिया निशान हुए खड़े

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 11 2018 02:45:21 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

एससी-एसटी कानून के विरोध में बीते दिनों लोगों ने भारत बंद का आवाह्नन कर प्रदर्शन किया था। विरोध की ये चिंगारी बाद में रेलवे तक जा पहुंची, जहाँ प्रदर्शन कारियों ने हंंगामा काटा, हालांकि पुलिस पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

कानपुर देहात-एससी-एसटी कानून के विरोध की भड़की चिंगारी अभी तक शांत होने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में विरोध कर रहे लोग रेलवे की सीमा तक जा पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक बीते एक दिन पूर्व एससी-एसटी को लेकर भड़के लोगों ने दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर भाऊपुर स्टेशन के पच्छिमी रेलवे क्रासिंग पर जबरन फाटक बंद कराया, जिसके बाद सिंग्नल प्रणाली फेल होने के बाद डाउन लाईन की कालका मेल खड़ी हो गयी। बताया गया कि इस प्रदर्शन की पूर्व में कोई सूचना नही दी गयी थी। रेलवे कर्मियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन कारियों को खदेड़ दिया था लेकिन अब मामले में जिम्मेदार पूरी तरह पल्ला झाड़ रहे हैं। हालांकि पुलिस ट्रेनों को रोके जाने की बात को नकारते हुए ट्रेन रुकने पर इंजन पर चढ़कर फोटो खिंचवाने की बात कर रही है। जबकि रेलवे के अधिकारी बिना सूचना दिये ट्रेनों को रोके जाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल उपद्रवियों के खिलाफ कार्यवाही की बात पर पुलिस पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

 

बताते चलें कि इस कानून के विरोध में भारत बंद अभियान बीते तीन दिन पूर्व चलाया गया था।जिसका प्रभाव रेलवे पर दिखा। दरअसल बीते दिनों भाऊपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी रेलवे फाटक पर नौबस्ता व आंट गांवों के लोगों ने फाटक बंद करने से गेटमैन को जबरन रोक दिया, जिससे आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली ठप हो गई। तभी तेज रफ्तार से आ रही कालका मेल खड़ी हो गयी। इसके चलते भीड़ ने कालका मेल के इंजन पर चढ़कर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया था। इस बीच गेटमैन रिंकू की सूचना पर स्टेशन मास्टर भाऊपुर ने कंट्रोलर के साथ ही वरिष्ठ रेल अफसरों को घटना से अवगत कराया और मामले को भांपते हुए 100 नंबर पुलिस को भी सूचना भेजी थी। इधर सिग्नल प्रणाली फेल होने से अप की नीलांचल एक्सप्रेस भी भाऊपुर में खड़ी हो गई थी।

 

जानकारी मिलते ही मैथा उपजिलाधिकारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिस बल को आता देख काफी प्रदर्शनकारी वहां से रफूचक्कर हो गए थे। जबकि इस मामले में शिवली कोतवाल का कहना है कि ट्रेन रोककर प्रदर्शन करने की बात गलत है। सिग्नल न मिलने से डाउन कालका मेल के क्रासिंग के पास खड़ी होने के बाद कुछ लोगों ने नारेबाजी कर फोटो खिंचवाई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला था। वहीं टीआई विनोद शर्मा ने बताया कि भीड़ ने जबरन ट्रैक पर आकर फाटक को बंद करने में अवरोध डाला था। ट्रेन करीब 15 मिनट तक खड़ी रही। इस पर पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर फाटक बंद कराया। इसके बाद ट्रेनों को आगे रवाना किया जा सका था। बताया कि इस बावत वरिष्ठ अफसरों व पुलिस को स्टेशन मास्टर ने अवगत कराया है। मामले में जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।

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