कानपुर प्रदूषण नियंत्रण के लिए आईआईटी ने किया अध्ययन, मास्टर प्लान किया तैयार

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर शहर के प्रदूषण को लेकर चिंतित है। आईआईटी ने इसके कारक और कारण का अध्ययन कर लिया है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 21 Feb 2021, 12:03 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UP Pradushan Niyantran Board) कानपुर शहर के प्रदूषण (Pollution) को लेकर पहले से ही चिंतित है। इसके निराकरण के प्रयास निरंतर जारी है। जिसमें आईआईटी (IIT Kanpur) की मदद ली गई है। जिसके बाद प्रदूषण के कारणों के रूप में शहर में धूल, धुआं, औद्योगिक अपशिष्ट सहित लगातार वाहनों का बढ़ रहा दबाव सामने आया है। और यही वजह है जो लोगों को इस प्रदूषण से घुटन हो रहा है। आपको बता दें कि आईआईटी ने इसके कारक और कारण का अध्ययन (IIT Study) कर लिया है, इससे जल्दी ही शहर के प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इसके लिए दो गुणा दो किलोमीटर के 174 ग्रिड स्थानों को चिह्नित करके जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) देखा गया तो सच्चाई सामने आ गई।

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने जिला पर्यावरण समिति समेत अन्य विभाग के अफसरों के साथ ऑनलाइन कांफ्रेंसिंग (Online Conference) करके इस रिपोर्ट पर वार्ता की। वहीं शहर में किस इलाके में किस वजह से प्रदूषण फैल रहा है उसके कारकों का आंकलन करने के लिए यूपीपीसीबी ने आइआइटी (IIT) की मदद ली थी। आइआइटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मुकेश शर्मा ने अलग-अलग मोहल्लों व चौराहों की दो गुणा दो किलोमीटर की ग्रिड बनाकर वहां के नमूने लेकर परीक्षण करके रिपोर्ट तैयार की। प्रो. शर्मा ने बताया कि अगर कारण और कारकों पर ध्यान दिया जाए तो शहर का प्रदूषण काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बताया गया कि प्रदूषण के कारकों को समाप्त करने के लिए आईआईटी ने मास्टर प्लान तैयार किया है, जिस पर अब केडीए, नगर निगम (Kanpur Nagar Nigam), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पनकी थर्मल पावर हाउस (Thermal Power), यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन व वन विभाग काम करेंगे। यह सभी विभाग 15 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट देंगे। उसके बाद इन सभी ग्रिड में प्रदूषण की फिर जांच की जाएगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर प्लान को जस का तस रखा जा सकता है या उसमें जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। अध्ययन में आया कि कल्याणपुर, गोल चौराहा और पनकी में धूल से व दादानगर, जरीब चौकी एवं पनकी औद्योगिक क्षेत्र में धुआं तथा पनकी, दादानगर और जाजमऊ में औद्योगिक अपशिष्ट से प्रदूषण व्याप्त है।

Show More
Arvind Kumar Verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned