जाम में नहीं फंसेंगे आप, ठीक समय पर पहुंचाएगी एयर टैक्सी

आईआईटी और विटॉल कंपनी ने तैयार किया एयर टैक्सी का प्रोटोटाइप
२०२१ में शोध पूरा कर २०२४ में एयर टैक्सी चलाए जाने का दावा

कानपुर। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा और आईआईटी का शोध सफल हुआ तो आपको एयर टैक्सी में सफर का आनंद मिलेगा। इसके लिए ज्यादा नहीं बस चार साल का इंतजार ही करना पड़ेगा। २०२४ तक देश में एयर टैक्सी चलने लगेगी। यह दावा है विटॉल कंपनी का। इसके लिए उसने आईआईटी के टेक्नोपार्क से समझौता किया है। जिसकी मदद से एयर टैक्सी का प्रोटोटाइप तैयार किया गया है। अब इस पर रिसर्च शुरू होगा। एयर टैक्सी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब लोगों को छोटी-छोटी दूरी तय करने के लिए भी जाम में नहीं फंसना पड़ेगा और न ही ऑटो, टेंपो या बस का इंतजार करना होगा।

यह होगी कीमत
एयर टैक्सी को सिविल एविएशन (नागरिक उड्डयन) के मानकों को पूरा कर बाजार में लाया जाएगा। इसकी कीमत लगभग 150 करोड़ रुपए होगी। विटॉल कंपनी और संस्थान के वैज्ञानिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रो. एके घोष की देखरेख में एयर टैक्सी पर काम कर रहे हैं। कंपनी के स्वरूप कुमार और पंकज कटारिया ने बताया कि एयर टैक्सी का प्रोटोटाइप पूरा तैयार हो गया है। पंकज ने बताया कि एयर टैक्सी का प्रयोग सेना के लिए भी किया जा सकता है। इसमें सेना के जवान के साथ आर्म्स रखने की व्यवस्था की जा सकती है।

दो तरह की होगी
एयर टैक्सी को दो तरीके से बनाया गया है। एक बैटरी चालित है। इसमें दो व्यक्ति बैठ सकते हैं। यह तीन घंटे में 300 किमी का सफर कर सकती है। वहीं दूसरी हाइब्रिड चालित है। इसमें एयर टैक्सी बैटरी से उड़ान भरेगी और फ्यूल से चलेगी। यह तीन घंटे में 600 किमी का सफर तय कर सकेगी। यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया होगी। उन्होंने बताया कि कंपनी यूएवी (अनमैंड) ड्रोन भी बना रही है। यह ड्रोन 2 किलो से 300 किलो तक के होंगे। कंपनी लगातार मेक इन इंडिया के तहत काम कर रही है।

बनेगी ईकोफ्रेंडली रोड
अब सडक़ निर्माण में भी प्रदूषण नहीं होगा। आईआईटी के टेक्नोपार्क और थर्मोसेंटर के बीच एक करार हुआ है। इसके तहत कंपनी ईकोफ्रेंडली सडक़ बनाने पर और अधिक रिसर्च करेगी। कंपनी के मनोज गुप्ता ने बताया कि वे थर्माकोल जलाने के बजाय उसमें कुछ केमिकल मिलाकर ईकोफ्रेंडली सडक़ बना रहे हैं। इससे प्रदूषण बिल्कुल नहीं फैलेगा। इस तकनीक को और विकसित करने के लिए आईआईटी के साथ करार किया है। इससे देश को ईकोफ्रेंडली सडक़ देने के साथ प्रदूषण से बचाया जा सकता है।

बिना ब्लड की जांच के पता चलेगी बीमारी
केनोपी टेक्नो सॉल्यूशन प्रा. लि. के अनुज अवस्थी और ज्ञान प्रकाश ने बताया कि जल्द बीमारियों की जानकारी मशीन देगी। इसके लिए न तो ब्लड सैंपल लेना होगा और न ही जांच के लिए लैब भेजना होगा। एक मशीन कैंसर, किडनी समेत विभिन्न बीमारियों की जानकारी दे देगा। अनुज अवस्थी ने बताया कि कंपनी ने अभी एक टेस्टिंग मशीन बनाई है, जो बैटरी और पानी की जांच कर रही है। अब मेडिकल डिवाइस तैयार करने को लेकर शोध चल रहा है।

आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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