मुलायम की बात को अखिलेश ने नकारा, कहा- सपा-कांग्रेस गठबंधन जारी रहेगा

सपा में छिड़ी राजनीतिक जंग एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। क्योंकि, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने पिता और पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बात को नकारते हुए एक बार फिर कांग्रेस से गठबंधन जारी रखने की बात कही है।

By: shatrughan gupta

Published: 09 May 2017, 05:12 PM IST

कानपुर. समाजवादी पार्टी (सपा) में छिड़ी राजनीतिक जंग एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। क्योंकि, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने पिता और पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बात को नकारते हुए एक बार फिर कांग्रेस से गठबंधन जारी रखने की बात कही है। अखिलेश ने यह घोषणा कानपुर में की। सपा सूत्रों की मानें तो अखिलेश के इस बयान के बाद यादव कुनबे में छिड़ी जंग और तेज हो जाएगी। 

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले से ही मुलायम सिंह यादव अखिलेश को सलाह देते आए हैं कि कांग्रेस से गठबंधन भारी पड़ेगा। विधानसभा चुनाव में मिली पराजय के बाद मुलायम ने कहा था 'अखिलेश को मैंने गठबंधन के लिए मना किया था, पर वह नहीं माना आज उसी का खामियाजा हार के रूप में सामने आया हैÓ। मुलायम सिंह यादव चुनाव बाद भी अखिलेश को कांग्रेस से गठबंधन तोडऩे की बात कही चुके हैं, पर अखिलेश लगातार उनकी बातों को अनसुना करते जा रहे हैं। एक बार फिर अखिलेश ने कानपुर में सपा का कांग्रेस से गठबंधन जारी रखने की बात कही है।

नेताजी का आशीर्वाद होता तो सपा की सरकार होती
उरई के कालपी और कानपुर में एक निजी कार्यक्रम में पत्नी व कन्नौज सांसद डिंपल यादव के साथ आए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नेताजी मुलायम सिंह के बयान 'उन्हें सीएम बनाकर भूल कीÓ पर निशाना साधते हुए कहा कि 'यह सवाल नेताजी से ही पूछो कि आखिर उन्होंने भूल क्यों कीÓ। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी का आशीर्वाद होता तो प्रदेश में सपा की सरकार बन जाती। उनके बिना सरकार बनाना मुश्किल है। वहीं, अखिलेश ने कहा कि आगे भी कांग्रेस से गठबंधन जारी रहेगा। 2019 के लोकसभा व 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत के लिए जनता से मेल जोल बढ़ाया जाएगा।

भाजपा ने झूठे वादे कर जनता को दिया धोखा
भाजपा पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि झूठे वादे कर यूपी की जनता को धोखा दिया है। वहीं, एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाजपा और मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल जैसा संकट किसी के भी सामने आ सकता है। कल तक सपा सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वालों की सरकार खुद कटघरे में है। सहारनपुर दंगा व जालौन गैंगरेप कांड इसका जीता जागता सबूत है। प्रदेश सरकार ने भले ही समाजवादी योजनाओं को बंद कर दिया, जो भी योजना चलाई जाएं उसे गरीब तक पहुंचाया जाए। 

मुलायम शुरू से रहे हैं गठबंधन के खिलाफ
सपा संरक्षक व संस्थापक मुलायम सिंह यादव कांग्रेस के गठबंधन के खिलाफ शुरू से ही रहे हैं। नेताजी ने विधानसभा चुनाव के वक्त हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि सपा कांग्रेस के बगैर ही यूपी में चुनाव जीत सकती है। उन्होंने अखिलेश यादव को गठबंधन न करने की सलाह दी थी, लेकिन अखिलेश ने उनकी बातों को अनसुना करते हुए कांग्रेस से गठबंधन किया और चुनाव लड़ा। अब एक फिर मुलायम ने गठबंधन न करने की बात कही तो अखिलेश ने दोबारा गठबंधन को जारी रखने की घोषणा की।

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