अमित शाह के पत्र ने मचा दी खलबली, घर-घर जाकर कुंडी खटकाएगी BJP

जून में किसी भी दिन आ सकते हैं अमित शाह, रूमा की तर्ज पर 20 हजार बूथ अध्यक्षों के साथ सीधे करेंगे बात, सुनील बंसल ने भाजपा पदाधिकारियों को दी जानकारी

By: Vinod Nigam

Published: 24 May 2018, 10:04 AM IST

कानपुर। फूलपुर, गोरखपुर में मिली हार और कर्नाटक में पूरे विपक्ष के साथ आने से भाजपा हाईकमान अमित शाह ने अपनी नजर यूपी में अड़ा दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का एक खत कुछ दिन पहले भाजपा नगर अध्यक्ष के पास जाया, जिससे हड़कंप मच गया। पत्र में साफ तौर पर अमित शाह ने संगठन को मजबूत करने और जनप्रतिनिधियों को हर एक गांव जाकर चौपाल लगाने के साथ आमजन के घरों में जाकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर निपटाने का आदेश दिया है। साथ ही वो अगले माह किसी भी दिन कानपुर-बुंदेलखंड परिक्षेत्र का दौरा कर वहां के 20 हजार बूथ अध्यक्षों के अलावा 28 विस्तारकों से भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, पार्षद, सभासद और सरपंच के बारे में फीडबैक ले सकते हैं। जिनके खिलाफ रिपोर्ट निगेटिव पाई गई उनका टिकट काट दिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि 17 जिलों के 11 लोकसभा सीटों में 10 भाजपा के सांसद हैं और इनमें से आधे से ज्यादा के टिकट कटने की तलवार लटक रही।
इसके जरिए ढहा सपा-बसपा का किला
विधानसभा चुनाव 2017 के मैदान में भाजपा उतरी, तब उसके पास सूबे में लंबे वनवास काल की कमजोरी थी, जबकि सत्ताधारी सपा की जड़ें मजबूत थीं। ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ’बूथ जीते तो सीट जीते’ का फॉर्मला लेकर आए। पहली बार उन्होंने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन रूमा में बुलाया। 18 हजार बूथ अध्यक्षों से सीधे रूबरू हुए और उनकी दी गई रिपोर्ट के आधार पर 52 विधानसभा सीटों में 500 से ज्यादा दावेदारों में 52 के नाम पर मुहर लगाई, जिसका परिणाम रहा कि भाजपा ने 47 सीटों पर कब्जा कर लिया। मुलायम सिंह, मायावती के गढ़ को अमित शा की टीम ने ढहा दिया। बुंदेलखं डमें हाथी बुरी तरह से पराजित हुआ तो इटावा बेल्ट में महज दो पर साइकिल दौड़ी। अब पार्टी केंद्र, प्रदेश सहित नगरीय निकायों में काबिज है।
अमित शाह के आने की दी जानकारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यूपी भाजपा के संगठन मंत्री सुनील बंसल को रविवार को कानपुर-बुंदेलखंड के भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक के लिए शहर भेजा। एक गेस्हाउस में सुनील बंसल 28 विस्तारकों के साथ ही 139 मंडल अध्यक्षों को बैठक में आने का आमंत्रण दिया। इस दौरान उन्हें भाजपा की रणनीति के बारे में जाकनारी दी। तभी कुछ विस्तारकों ने भाजपा जनप्रतिनिधियों के कार्यो की नराजगी सुनील बंसल को बताई। जिस पर सुनील बंसल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जो भी भाजपा जनप्रतिनिधि जनता और पार्टी के लिए खरा नहीं उतरेगा उसका टिकट काट दिया जाएगा। सुनील बंसल ने अमित शाह का पत्र विस्तारकों के समक्ष पढ़ कर सुनाया। जिसमें साफ शब्दों में कहा गया था कि पार्टी 2014-2017 के फार्मूले के साथ 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेगी। अमित शाह अगले माह किसी भी दिन शहर आ सकते हैं और बूथ अध्यक्षों, विस्तारकों और मंडल प्रमुखों के साथ सीधे रूबरू हो सकते हैं।
6 सांसदों के कट सकते हैं टिकट
बैठक के दौरान विस्तारकों की रिपोर्ट के आधार पर भाजपा हाईकमान कानपुर बुंदेलखंड के 10 में से 6 सांसदों के कामकाज से असंतुष्ण है और अगले साल होने से जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले उनके टिकट काटे जा कसते हैं। जानकारों का मानना है कि 2014 के मुकाबले भाजपा को सपा, बसपा और कांग्रेस के गठबंधन से कड़ी चुनौती मिलने वाली है। जातिगत राजनीति के लिए जानी वाली इन दलों के उम्मीदवारों के बाद भाजपा अपने पत्ते खोल सकती है। भाजपाई पहले से यह मान चुके हैं कि कानपुर नगर से मुरली मनोहर जोशी का टिकट लगभग कट गया है। साथ ही कानपुर देहात के सांसद देवेंद्र सिंह भोले पर भी तलवार लटक रही है। कांग्रेंस के एक कद्दावर नेता चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम सकता है और भाजपा उसे टिकट देकर चुनाव के मैदान में उतार सकती है। वहीं बिल्हौर-इटावा मिश्रित सीट पर भी वर्तमान सांसद के कार्यो से विस्तारक खुश नहीं है। ऐसे में यह तय है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में वर्तमान सांसदों के बजाए कुठ सीटों पर नए चेहरे उतार सकती है।
यह दिया गया टारगेट
किदवईनगर स्थित एक गेस्टहाउस में सुनील बंसल ने ग्राम स्वराज अभियान की सभी जिलों की समीक्षा की। इसके बाद बताया कि अब हमें यह देखना है कि हमारे अभियान के बाद गांवों में काम कितने फीसद हो पाए। इसके अलावा अब एक से पंद्रह जून तक सेक्टर और वार्ड स्तर पर अभियान चलेगा। शहरों में जिस तरह वार्ड हैं, भाजपा संगठन के लिहाज से गांवों में वह सेक्टर है। एक पदाधिकारी को चार सेक्टर की जिम्मेदारी दी जाएगी। उनका काम होगा कि सेक्टर के किसी एक अविकसित गांव और वार्ड के एक विकसित मोहल्ले या बस्ती की सूची बनाई जाएगी। वहां दोपहर में कार्यकर्ता जाकर क्षेत्रीय लोगों से मिलेंगे, फिर शाम को चौपाल लगाकर योजनाओं की जानकारी देंगे। अफसरों से संपर्क कर खास तौर पर उज्ज्वला, आवास, पेंशन, ओडीएफ योजना का लाभ जनता को दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि बूथ कमेटियों को क्रॉस चेक कर लें, क्योंकि जून में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बूथ सम्मेलन के लिए आ सकते हैं।

 

Amit Shah Congress
Show More
Vinod Nigam
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned