गुस्साए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव, बोले नहीं हुई सुनवाई तो फिर करेंगे ये काम

बोले अगर यहां भी हम लोगों की सुनवाई नहीं हुई तो हम लोग हजारों की संख्या में लखनऊ मुख्यमंत्री के पास न्याय की गुहार लगाएंगे।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 02 Mar 2019, 05:20 PM IST

कानपुर देहात-जनपद कानपुर देहात की एक ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने जनपद के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी। ग्राम पंचायत से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर रोजगार सेवक के खिलाफ हंगामा कर विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल इस ग्राम पंचायत में ग्राम सचिव, प्रधान व रोजगार सेवक के भ्रष्टाचार के चलते आज तक गांव में विकास नहीं हो सका। गांव के लोग प्रशासन और सरकार से मिलने वाली योजनाओं की राह देख रहे हैं। इस गांव में नाली, खड़ंजा, सड़क, शौचालय जैसी तमाम विकास की योजनाओं मे धांधली करके भ्रष्टाचार किया गया है। वहीं पूरे मामले की शिकायत सैकड़ो ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की है। इस पर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

 

साहब जमकर होता है भ्रष्टाचार

मामला जनपद के ब्लॉक मैथा क्षेत्र के गारब गांव का है, जहां एक तरफ कानपुर देहात जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, वहीं दूसरी तरफ इस गांव में आज तक शौचालय नहीं बन पाए हैं। इस गांव के लोगों को पात्र होने के बाबजूद आवास नहीं मिले और ना ही गांव का विकास हो सका। आरोप है कि यह सब ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक के भ्रष्टाचार के चलते हो रहा है। इससे गुस्साए गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर हंगामा काटा और भ्रष्टाचार विरोधी नारे लिखी तख्तियां दिखाकर जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी से ग्रामीणों ने रिश्वतखोरी और सरकार से मिलने वाली योजनाओं का लाभ न मिल पाने की सशपथ शिकायत की। जिस पर जिलाधिकारी महोदय ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कराकर कार्यवाही का आश्वासन दिया है। इसके बाद गांव से आए सभी ग्रामीण वापस लौट गए।

 

नहीं तो मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत

इस दौरान ग्रामीणों ने रोजगार सेवक पर आरोप लगाते हुए बताया कि हम लोगों से शौचालय और आवास के नाम पर रुपए मांगे जाते हैं और रुपए देने के बावजूद भी हम लोगों को आज तक शौचालय आवास नहीं मिल सके। हम लोग इतने गरीब हैं कि रुपए दे नहीं सकते, फिर भी मजदूरी करके जो रुपए बचाए थे, वह प्रधान और रोजगार सेवक को दे दिए। ताकि हमको शौचालय और आवास मिल सके, लेकिन भ्रष्ट प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक की दबंगई के चलते आज तक हम को रुपए देने के बावजूद भी शौचालय और आवास नहीं मिल सके। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी हम लोगों की किसी अधिकारी ने नही सुनी। थक हारकर हम लोगों ने जिलाधिकारी महोदय से शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई है। अगर यहां भी हम लोगों की सुनवाई नहीं हुई तो हम लोग हजारों की संख्या में लखनऊ मुख्यमंत्री के पास न्याय की गुहार लगाएंगे।

Arvind Kumar Verma
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