एक और फर्जी शिक्षिका का मामला आया सामने, जांच में हुआ पर्दाफाश, जानिए पूरी दास्तां

टीम द्वारा मूल प्रमाण पत्र सत्यापन हेतु मांगने के लिए संपर्क किया गया तो पूरा राज खुलकर सामने आ गया।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 22 Jun 2020, 07:33 PM IST

कानपुर देहात-प्रदेश के शिक्षा विभाग में अनामिका शुक्ला के फर्जी प्रकरण को लेकर जहां शासन व प्रशासन गंभीर हैं। जिसको लेकर शासन द्वारा कानपुर देहात जनपद में भी तैनात शिक्षकों के दस्तावेजों की बारीकी जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके चलते एक और फर्जीवाड़े का मामला निकलकर सामने आया है, जिसमें जिले के अमरौधा विकासखंड के गौर गांव में संचालित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में एक शिक्षिका की फर्जी नियुक्ति पाई गई है। बताया गया कि वही शिक्षिका जनपद मैनपुरी में भी पढ़ा रही थी। जब जांच टीम द्वारा मूल प्रमाण पत्र सत्यापन हेतु मांगने के लिए संपर्क किया गया तो पूरा राज खुलकर सामने आ गया। फिलहाल मामले में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने भोगनीपुर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया है।

उत्तर प्रदेश में अनामिका शुक्ला प्रकरण को लेकर एक बहुत बड़ा मामला खुलकर सामने आया है। जिसके बाद प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कानपुर देहात में जांच समिति बनाकर कार्यरत सभी शिक्षकों मूल अभिलेखों की जांच शुरू कराई गई। इसके चलते जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने भोगनीपुर क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले लोगों की जांच शुरू की। इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने बताया कि जनपद के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में तैनात गृह विज्ञान शिक्षिका दीप्ति सिंह से इस संबंध में जांच हेतु अभिलेख मांगे तो उन्होंने अभिलेख नहीं दिए। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित मोबाइल नंबर को बंद करते हुए विद्यालय से संपर्क ही तोड़ दिया।

वहीं जब गहनता से जांच की गई तो जांच में पता चला कि दीप्ति सिंह का नाम मैनपुरी में भी चल रहा है। मामले की संदिग्धता होने पर जांच कराते हुए भोगनीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि दीप्ति सिंह 2015 से पूर्णकालिक शिक्षिका का दायित्व निभा रही थी। इस मामले में वार्डन गोदावरी ने बताया कि दीप्ति सिंह की उपस्थिति यही रहती थी। लॉकडाउन अवधि से उसकी उपस्थिति मैनपुरी में भी मिली है। फिलहाल एक बात तो तय है कि सरकार द्वारा कराई जा रही जांच में ऐसे कई मामले खुलकर सामने आने की संभावना है, बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।

Arvind Kumar Verma
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