ज्योतिषाचार्य पदमेश ने खंगाली कुंडली, ये नेता बनेंगा देश का प्रधानमंत्री

ज्योतिषाचार्य पदमेश ने कहा कि 3 मार्च 2019 से पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के गृहनक्षत्रों में आया बदलाव, जिसके चलते मिलेगी कामयाबी, 30 फीसदी वर्तमान सांसद चुनाव हार जाएंगे, भारत में अभी संकट बरकरार।

By: Vinod Nigam

Updated: 10 Mar 2019, 12:50 PM IST

कानपुर। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायू सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकवादियों के ठिकानों को बमों के जरिए उड़ा दिया। इसी के बाद से सरदह पर जबरदस्त तनाव है तो पहीं देश के अंदर चुनावी समर में सत्ता और विपक्ष के टकराव है। 2019 का दंगल पर किस दल का कब्जा होगा उस पर ं अधिकतर त्योतिषाचार्य भाजपा को आगे बता रहे हैं। जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित केए दुबे पदमेश ने अपनी ज्योतिष के जरिए एक बड़ी भविष्यवाणी की है। पत्रिका डॉट कॉम के साथ खास बातचीत के दौरान पदमेश ने कहा कि 3 मार्च 2019 से भाजपा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहनक्षणों में बदलाव आ गया है। जिसका सीधा फाएदा सत्ताधारी दल को मिलेगा। देश में फिर से मोदी सरकार बनेंगी। ज्योतिषाचार्य ने यह जानकारी पीएम मोदी और बीजेपी की कुंडली को देखने के बाद दी है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान 30 फीसदी सांसद को यदि टिकट मिलता है तो वो चुनाव हार जाएंगे।

विरोध के बाद भी सब पर भारी
पंडित केए दुबे पदमेश के मुताबिक, नरेंद्र मोदी का जन्म 1950 में 17 सितंबर को हुआ था। इनके जन्म के समय चन्द्रमा और मंगल दोनों ही कुण्डली के पहले घर में वृश्चिक राशि में बैठे हैं। जबकि ग्यारहवें घर में सूर्य बुध, केतु एवं नेप्चयून के साथ बैठा है। गुरु महाराज चौथे घर में शुक्र और शनि के आमने-सामने बैठे हैं। ग्रहों की इस स्थिति के कारण मोदी की कुण्डली में कई शुभ योग बने हुए हैं। जैसे गजकेसरी योग, मूसल योग, केदार योग, रूचक योग, वोशि योग, भेरी योग, चंद्र मंगल योग, नीच भंग योग, अमर योग, कालह योग, शंख योग तथा वरिष्ठ योग। त्योतिषाचार्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ग्रह नक्षत्र बन रहे हैं वह इस बात की ओर इंगित कर रहे हैं कि विपक्षियों के भारी विरोध के बावजूद पुनः प्रधानमंत्री के पद पर मोदी ही विराजमान होंगे।

बीजेपी के गृहनक्षत्र सुधरे
ज्योतिषाचार्य पदमेश ने पीएम मोदी औऱ भाजपा ं की कुंडली मिलाकर गणना करने के बाद बताया कि 2019 सत्ताधारी के लिए खुशखबरी भरा होगा। कहते हैं, बीजेपी का जन्म 6 अप्रैल 1980 में हुआ है। इसके तहत बीजेपी की कुंडली बनायी जाए तो मिथुन लग्र वृश्चिम राशि की कुंडली है। बीजेपी की कुंडली में अक्टूबर 2012 से सूर्य की महादशा आरंभ हुई है। सूर्य की महादशा में बीजेपी को लाभ होना शुरू हुआ। इसके बाद ही बीजेपी ने गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी को पीएम पद का प्रत्याशी बनाया गया। उस समय पीएम मोदी की कुंडली में अच्छा समय था। जिसकी वजह से बीजेपी और पीएम मोदी की कुंडली दोनों के ग्रह योग के चलने के साथ ही पहली बार केंद्र में बहुमत की सरकार बनी। 2017 में भाजपा और पीएम मोदी की कुंडली कुछ दिन के लिए कठिन दौर से गुजरी, पर अब हालात पहले से बेहतर हैं।

आ गए अच्छे दिन
पंडित पदमेश ने बताया कि पीएम मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न वृश्चिक राशि की है। साथ ही पीएम मोदी की कुंडली में चंद्रमा की महादशा चल रही है। जो वर्ष 2021 तक चलेगी। पीएम मोदी की कुंडली में चन्द्रमा की महादशा में बुध का अंतर चल रहा है, यह स्थिति 3 मार्च 2019 तक रही थी। इसके ठीक बाद कुंडली में केतुका अतर आ गया। पीएम मोदी के लिए केतु भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है। पीएम मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है और इस लगन में केतु लाभकारी होता है। इसके अतिरिक्त वृश्चिक लग्र के लिए बृहस्पति पंचमेश में होता है। यह स्थिति बहुत अच्छी मानी गई है। तो बता दें कि, मार्च के शुरूआत से ही पीएम मोदी का फिर से अच्छे दिन शुरू हो गए थे। जिसका फायदा पीएम मोदी को 2019 चुनाव में होगा और एक बार पीएम नरेन्द्र मोदी के चलते बीजेपी को बहुमत या फिर सबसे अधिक सीट मिल सकती है।

कठिन दौर से गुजर रहा भारत
पंडित पदमेश ने बताया कि भारत की कुंडली में इस समय बहुत कठिन अंतर्दशाएं चल रही हैं। चंद्रमा की महादशा में अष्टमेश गुरु की अंतर्दशा व बुध का प्रत्यंतर चल रहा है। गुरु अष्टमेष होकर छठे भाव में बैठे हैं और भारत सरकार को बहुत खर्चा कराना चाहते हैं। भारत की जन्म पत्रिका के बारहवें भाव में मंगल हैं और आठवें भाव में शनि और शुक्र हैं। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार गुरु, सूर्य, बुध और नेप्चून एक दूसरे के केंद्र प्रभाव में हैं। उधर मंगल के साथ यूरेनस है और शनि के साथ प्लूटो हैं और यह सब मिलकर हिंसा का दृश्य उत्पन्न कर रहे हैं। बताया, दो देशों के बीच घात-प्रतिघात चलेंगे और युद्ध जैसी परिस्थितियां बनेंगी। क्योंकि गुरु भारत की चंद्र लग्न से पांचवें हैं। अतः भाग्यबल प्रदान करेंगे और जन्म लग्न से गुरु गोचरवश सप्तम भाव में हैं इसलिए कूटनीति के क्षेत्र में भारत अत्यधिक कौशल का परिचय देगा।

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