गांधी का संदेश पॉलीटेक्निक छात्रों को दिखाएगा नई राह

रैगिंग और मारपीट की बढ़ती घटनाओं के चलते संस्थान ने लिया निर्णय
छात्रों को सही दिशा में प्रेरित करने के लिए होंगे अलग आयोजन

कानपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक मारपीट और रैङ्क्षगग की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए संस्थान ने सख्ती बरतने की बजाय कुछ नया सोचा है। अब यहां छात्रों को मानसिक रूप से बदलने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए उन्हें गांधी के अहिंसा संदेश पढ़ाए जाएंगे, ताकि छात्र उनसे सीखकर ङ्क्षहसक गतिविधियां बंद कर दें। इससे उनका भविष्य भी सुधरेगा और संस्थान का माहौल भी नए छात्रों के लिए भयमुक्त होगा।

हो चुकी हैं बड़ी घटनाएं
राजकीय पॉलीटेक्निक कानपुर के छात्र ग्रुप में मारपीट और झगड़े में सबसे आगे हैं। रैगिंग की शिकायतें भी यहां अधिक हैं। नशे की ओर जा रहे छात्रों की उपस्थिति भी कम है। बीते वर्ष चार बड़ी घटनाएं संस्थान में हुईं, जिनमें एक छात्र की आत्महत्या भी शामिल है। इन सबमें शामिल छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और संस्थान में नए छात्रों के लिए रोज नई मुश्किल खड़ी होती है।

सभी संस्थानों में कोशिश शुरू
प्रदेश स्तर पर सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों में कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए चंडीगड़ में प्रदेशभर के पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। कानपुर पॉलीटेक्निक से डॉ. ओपी सोनी को प्रशिक्षण दिया गया है। प्राचार्य डॉ. आरके सिंह का कहना है कि छात्रों की खराब आदतें पर्सनॉलिटी पर प्रभाव डाल रही हैं। इसे सुधारने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

पे्ररक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे
पॉलीटेक्निक छात्रों की पर्सनॉलिटी डेवलवमेंट को परिसर में नए सिरे से माहौल तैयार किया जा रहा है। कई तरह की एक्टिविटी परिसर में होगी। खेलों में रुचि बढ़ाई जाएगी। साथ ही मोटिवेशनल लेक्चर भी होंगे। संस्थान प्रशासन ने आर्ट ऑफ लिविंग, मेडिटेशन और योगा क्लासेज संचालित करने की तैयारी की है। डॉ. ओपी सोनी का कहना है कि छात्रों में सभी तरह की प्रतिभाएं होती हैं। संस्थान में होने वाले कार्यक्रमों में वह अपने हुनर पेश करते हैं।

 

आलोक पाण्डेय
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