बिकरू कांड : एक और अफसर की मिलीभगत हुई उजागर, फिर जांच भी.........

जय के भाई रजय के साथ भी मिलीभगत के सुबूत मिले हैं।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 25 Nov 2020, 02:29 PM IST

कानपुर-ऐसे इंस्पेक्टर की निगरानी में अब एक केस की जांच होगी, जिनकी बिकरू कांड में मिलीभगत रही है। जिनके साथ इंस्पेक्टर की मिलीभगत एसआईटी की जांच में उजागर हो चुकी है। केस के आरोपी भी वही हैं। कांड की जांच कर रही एसआईटी ने वर्तमान बजरिया इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव को दोषी ठहराया है। एसआईटी ने पाया है कि आरोपी जय बाजपेई से इंस्पेक्टर की सांठगांठ रही है। यही वजह रही कि जय बाजपेई के आपराधिक इतिहास होने के बावजूद उसका शस्त्र लाइसेंस बन गया। यहां तक कि जय के भाई रजय के साथ भी मिलीभगत के सुबूत मिले हैं।

एसआईटी की सिफारिश पर तीन दिन पूर्व बजरिया थाने में जय के खिलाफ फर्जी शपथ पत्र देकर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें जांच तो दरोगा को दी गई है, लेकिन इसका पर्यवेक्षण इंस्पेक्टर को ही करना है। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में जो भी सिफारिशें की हैं, उनको लेकर आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने समीक्षा बैठक की। आईजी ने बताया कि 37 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी है। शासन से एसआईटी की रिपोर्ट मांगी गई है। जिससे यह पता चल सके कि किस पुलिसकर्मी पर क्या आरोप हैं।

उन्होंने डीआईजी व अन्य पुलिस अफसरों को निर्देश दिए हैं कि तय समय में कार्रवाई पूरी होनी है। कानपुर के चौबेपुर, नजीराबाद, बजरिया और नवाबगंज में कुल पांच नए केस बिकरू कांड से संबंधित दर्ज हुए हैं। ये केस फर्जी शपथ पत्र पर शस्त्र लाइसेंस लेने व फर्जी आईडी पर सिम लेने के दर्ज हुए हैं। आईजी ने बताया कि इसमें भी टीम गठित कर विवेचना कराई जाएगी। एसआईटी की जांच रिपोर्ट शासन से मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। जिन पर आरोप हैं उनको चार्ज से हटाया जाएगा। विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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