बिकरू कांड: विकास दुबे के भाई ने किया था ऐसा काम, एसआईटी ने पकड़ा दीपक का झूठ, मुकदमा दर्ज

कृष्णानगर इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने विकास के भाई पर मुकदमा दर्ज कराया है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 26 Nov 2020, 01:40 PM IST

कानपुर-यूपी के बहुचर्चित बिकरु कांड में एक के बाद कार्रवाई का सिलसिला जारी है। बीते दो जुलाई को बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे ने सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की नृशंस हत्या की थी। वहीं विकास दुबे के भाई दीपक उर्फ दीप प्रकाश के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। दरअसल बिकरु कांड की जांच गठित एसआईटी कर रही है। वहीं एसआईटी की रिपोर्ट में दीपक द्वारा झूठा शपथपत्र प्रस्तुत कर लाइसेंसी रायफल हासिल किए जाने का जिक्र किया गया था। इस आधार पर कृष्णानगर इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने विकास के भाई पर मुकदमा दर्ज कराया है।

बताया गया वर्ष 2017 के अक्टूबर में विकास दुबे को एटीएफ ने विकास नगर से गिरफ्तार किया था। जिसमें विकास के पास से .30 कैलिबर की स्प्रिंगफील्ड रायफल बरामद हुई थी, जिसे एसटीएफ ने जब्त किया था। जिसमें पाया गया था कि रायफल का लाइसेंस दीपक के नाम पर 6 फरवरी 2010 को कानपुर से जारी हुआ था। विकास अपने भाई की लाइसेंसी रायफल अपने पास रखता था। जब एसटीएफ ने रायफल जब्त की थी तो बाद में दीपक उसे छुड़ाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था। इसके लिए दीपक ने झूठा शपथ पत्र तैयार कराया था, जिसे न्यायालय में प्रस्तुत कर अप्रैल 2018 में रायफल रिलीज कराई थी। एसआईटी की रिपोर्ट में तत्कालीन इंस्पेक्टर कृष्णानगर के खिलाफ भी लघुदण्ड की संस्तुति की गई है। झूठा शपथपत्र लगाकर दीपक ने रायफल हासिल कर ली थी। वहीं विकास ने दीपक से यह रायफल लेे ली थी। 2 जुलाई की रात दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर की गई फायरिंग में भी .30 कैलिबर की स्प्रिंगफील्ड रायफल का इस्तेमाल विकास ने किया था। इस हमले में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हुई थी।

पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद विकास दुबे ने भाई दीपक से फोन पर बात की थी। तलाश में जुटी कृष्णानगर पुलिस 3 जुलाई को दीपक के इंद्रलोक कॉलोनी स्थित मकान पर पहुंची थी, लेकिन वह फरार हो चुका था। फिलहाल वारदात के पांच महीने बाद भी कानपुर और लखनऊ पुलिस दीपक के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा सकी है। दीपक के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में रायबरेली रोड निवासी विनीत पाण्डेय ने सरकारी नम्बर की कार हड़पने, रंगदारी मांगने और धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि फरार दीपक की गिरफ्तारी के लिए बीस हजार रुपये का इनाम घोषित है।

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