अखिलेश यादव को भाजपा विधायक ने सुनाई खरी-खरी, अनपढ़ों जैसी बात करने के बजाए बनें सहभागी

औरैया हादसे पर विधायक सुरेंद्र मैथानी से सपा प्रमुख पर बोला हमला, लाशों पर सियासत नहीं करने की दी सलाह।

By: Vinod Nigam

Updated: 18 May 2020, 12:53 PM IST

कानपुर। औरैया हादसे के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान के बाद गोविंद नगर से भाजपा के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने पलटवार किया है। विधायक ने कहा कि कि सपा प्रमुख को लाशों पर सियासत के बाद जमीन पर उतर कर मानवता की सेवा करनी चाहिए। भाजपा विधायक ने अखिलेश यादव अनपढ़ों जैसी बातें न करें। राजनीति करने के बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश के साथ सहभागी बनें। दोनों सरकरें 24 घंटे युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। अखिलेश यादव बाहर निकलें और गांव-गांव जाकर सरकार की योजनाएं देखें।

इस वजह से बोले भाजपा विधायक
दरअसल, शनिवार को औरैया स्थित सड़क हादसे में 26 श्रमिकों की मौत हो गई थी। जिस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर नाम लिए बगैर योगी आदित्यनाथ सरकार को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख जताने के साथ ही अखिलेश यादव ने आगे कहा था कि ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं। जिस पर भाजपा विधायक ने कहा कि सपा प्रमुख गैर जिम्मेदार बयान दे रहे हैं। संकट के वक्त में सभी को एकुजट होकर मानवता के लिए काम करना चाहिए। पर यूपी में अपनी जमीन खो चुके अखिलेश यादव अब मजदूरों को लेकर राजनीति चमका रहे हैं।

बनें सहभागी
भाजपा विधायक ने कहा अखिलेश यादव को राजनीति करने के बजाए कोरोना से संघर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश के साथ सहभागी बनें। भाजपा विधायक ने बताया कि अभी तक कानपुर में 10 हजार से ज्यादा श्रमिकों को दूसरे राज्यों से लाकर उन्हें क्वारंटन में रखा गया है। भोजन की व्यवस्था के साथ उन्हें आर्थिक मदद भी दी जा रही है। भाजपा विधायक ने बताया कि कानपुर मंडल में रजिस्टर दो लाख से ज्यादा श्रमिकों के खाते में दो माह की रकम पहुंच चुकी है। मनरेगा, राशनकार्ड के जरिए उन्हें निशुल्क राशन मुहैया कराया जा रहा है।

अपने साथी दलों को भी दे सलाह
भाजपा विधायक ने कहा कि औरैया हादसे के पीछे के कारणों को जाने बगैर अखिलेश यादव ने गैर जिम्मेदाराना ट्वीट किया। जबकि हकीकत में राजस्थान से पटना व बंगाल जा रहे 40 प्रवासी श्रमिकों को वहां की सरकार व पुलिस ने जबरन चूने वाले ट्राला में बैठाया था। घायल श्रमिकों से वह खुद मिले। घायलों ने हमें बताया है कि राजस्थान पुलिस से हमने बस की मांग की थी पर उन्होंने ये सुविधा देने से इंकार कर दिया। अधिकतर श्रमिक महाराष्ट्र, राजस्थान के अलावा विपक्ष शासित राज्यों से यूपी में आ रहे हैं। श्रमिकों को यूपी में लाने के लिए 300 सौ से ज्यादा ट्रेनें चल रही हैं। ऐसे में हमारी अखिलेश यादव से सलाह है कि वह अपने साथी दलों की सरकरों से कहकर श्रमिकों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएं।

यूपी में मिलेगा रोजगार
भाजपा विधायक ने कहा कि इस समय सीएम योगी आदित्यनाथ ने अन्य प्रदेशों में रह रहे सभी प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में वापस लाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह भी भी संकल्प लिया गया कि हम उत्तर प्रदेश में ही इनको (श्रमिकों को) सेवा में नियोजित भी करेंगे, जो जिस योग्य कामगार है, उसे उसके लायक काम यहीं पर दिलाने की हम व्यवस्था करेंगे। लॉकडाउन के चलते बंद उद्योग- कारखानों में पुन समायोजित करने के लिए अवसर प्रदान करने जा रहे हैं।

नए निवेश के खुल रहे रास्ते
भाजपा विधायक ने कहा कि उनको मैं भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जो श्रमिकों के लिए घडियाली आंसू बहा रहे हैं उनको शायद नहीं पता कि प्रदेश सरकार ने नये निवेश के रास्ते खोलते वक्त श्रमिकों के हितों का ध्यान रखा है। अब योगी सरकार श्रमिकों को रोजगार मुहैया करा रही है। आने वाले वक्त में कानपुर में ही कई कारखाने शुरू होंगे। जिस पर सरकार व उद्योगमंत्री कार्य कर रहे हैं। कोरोना संकटकाल में सरकार गरीब, मजदूर, किसानों की हरसंभव मदद कर रही है। हादसों को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं और जिनके परिणाम भी अच्छे दिख रहे है।।

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