वादी-आरोपी दोनों विदेशी और सजा देश की अदालत ने सुनाया, जानिए क्या है पूरा मामला

वादी और आरोपी दोनों विदेशी थे। देश की अदालत ने दोनों को सजा सुनाई। दोनों विदेशी युवक युवती को बहला फुसलाकर दिल्ली भेजने के लिए ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में शक होने पर युवती चिल्लाने लगी जिसके बाद दोनों युवकों रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया।

By: Narendra Awasthi

Published: 03 Mar 2021, 03:26 PM IST

कानपुर. वादी और आरोपी दोनों विदेशी और सजा देश की अदालत ने सुनाया। अपने किस्म का यह मामला कानपुर से जुड़ा है। जहां दो विदेशी युवक अपने ही देश की एक युवती को बहला-फुसलाकर बेचने के लिए ले जा रहे थे। कानपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर युवती को नारी निकेतन भेज दिया। इस संबंध में अदालत ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई। उल्लेखनीय है अदालत ने यह निर्णय 42 दिन में सुनाया है।

इस संबंध में एडीजीसी जितेन्द्र पांडेय ने बताया कि अब्दुल रज्जाक और मो. अयाज बांग्लादेशी युवती को बहला फुसलाकर दिल्ली बेचने के लिए जा रहे थे। 23 अगस्त 2019 में कानपुर सेंट्रल के पहले युवती को शक होने पर चिल्लाने लगी। जिस पर यात्रियों ने दोनों युवतियों युवकों को पकड़ लिया। जीआरपी ने दोनों आरोपियों को बांग्लादेशी किशोरी के अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पकड़े गए अब्दुल रज्जाक और मो. अयाज ने बताया था कि वह बांग्लादेश और म्यांमार निवासी हैं। बांग्लादेश की एक किशोरी को बेचने के लिए दिल्ली ले जा रहे है। दोनों के पास पासपोर्ट और वीजा भी नहीं मिला। जीआरपी दोनों को जेल भेज दिया। जबकि किशोरी को नारी निकेतन।

खुफिया एजेंसियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ में पता चला कि बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल रज्जाक म्यांमार के मोहम्मद अयाज के साथ नदी-नालों के रास्ते स्टीमर से पश्चिम बंगाल बॉर्डर पार कर भारत में घुसे थे। 42 दिनों की सुनवाई के बाद एडीजे 7 की अदालत ने आरोपी बंगलादेशी युवक को 10 साल की सजा और सात हजार के अर्थदंड का भी आदेश दिया। दूसरे आरोपी को 5 साल की सजा और अर्थ दंड सुनाया है।

Narendra Awasthi
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