अमर दुबे की पत्नी के मामले में ब्राह्मण महासभा ने कही बड़ी बात, योगी सरकार पर लगाए आरोप

-अमर की पत्नी के मामले को लेकर भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष अमर दुबे की पत्नी के परिवार से मिलने पहुंचे,

-बताया कि तीन दिन पहले ही घर आई उसकी पत्नी का इसमें क्या दोष था,

-अमर की पत्नी का परिवार मुकदमा लड़ने में सक्षम नहीं है,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 22 Sep 2020, 02:18 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर-बिकरू कांड के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे सहित पुलिस ने सहयोगी 5 आरोपियों को भी मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वहीं विकास दुबे के खास माने जाने वाले अमर दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसकी पत्नी को भी घटना में शामिल होने का आरोपी बनाकर उसे जेल भेज दिया था। बिकरू में हुए कांड में एक के बाद एक नए मोड़ आते जा रहे हैं। वहीं अमर की पत्नी के मामले को लेकर भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष अमर दुबे की पत्नी के परिवार से मिलने पहुंचे। यहां घटना से जुड़ी जानकारी लेने के बाद उन्होंने अमर की पत्नी का मुकदमा लड़ने की घोषणा की। ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि अमर दुबे की पत्नी बेकसूर है।

उन्होंने बताया कि अमर की शादी 29 जून को हुई थी और बिकरू में 2 जुलाई की रात घटना हुई थी। जिसमें विकास दुबे ने 8 पुलिस कर्मियों की हत्या की थी। जिसमें अमर दुबे को आरोपी माना गया। वहीं हमीरपुर में एसटीएफ ने मुठभेड़ में उसे मार दिया। वह गैंगस्टर था, लेकिन तीन दिन पहले ही घर आई उसकी पत्नी का इसमें क्या दोष था, जो उसके ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। नाबालिग घोषित होने के बाद उसे बाराबंकी के बाल संप्रेक्षण गृह में भेजा गया है। अमर की पत्नी का परिवार मुकदमा लड़ने में सक्षम नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते अब ब्राह्मण महासभा उसका खर्च वहन करेगी।

ज्ञात हो कि अमर दुबे की पत्नी को किशोर न्याय बोर्ड द्वारा नाबालिग करार दिया गया है। ऐसे में अमर की पत्नी को न्याय दिलाने के लिए ब्राह्मण महासभा कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर एक विशेष जाति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि इसलिए ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि चुनाव में ब्राह्मण समाज के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया और सत्ता सौंपी है। जिसका सिला ब्राह्मणों को इस तरह मिल रहा है। दरअसल विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर विपक्षियों ने यूपी पुलिस पर कई सवाल खड़े किए थे, जिसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में चल रही है। वहीं बसपा के सांसद रितेश पांडेय ने संसद में विकास दुबे के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पर सवालिया निशान लगाएं हैं।

Arvind Kumar Verma
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