ना बैंड बाजा, ना डीजे, हाथों में सेनेटाइजर और चेहरे पर मास्क लगाकर लिए सात फेरे

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ २५ मेहमानों संग निपटी शादी की रस्में
शादी की खुशी दब गई, वायरस के संक्रमण खौफ चेहरे पर रहा

कानपुर। लॉकडाउन में कई लोगों की जिंदगी में बहुत कुछ रोक दिया। व्यापार बंद हो गया, पढ़ाई चौपट हो गई और नौकरी भी छूट गई। जिंदगी जैसे ठहर सी गई। सबसे ज्यादा असर उन पर पड़ा जिनकी शादी तय हो चुकी थी और लॉकडाउन ने उन्हें जीवनसाथी के साथ नई नए जीवन सफर पर जाने से रोक दिया। मगर कुछ लोग ऐसे भी रहे जिन्होंने लॉकडाउन के बीच ही शादी की। ऐसा ही एक विवाह शहर के कल्याणपुर आवास विकास तीन में हुआ। यहां बिना बारात के आया दूल्हा अपनी दुल्हन को विदा कराकर ले गया।

पांच लोगों की बारात लेकर आया दूल्हा
कल्याणपुर आवास विकास तीन क्षेत्र में बुलंदशहर की खुर्जा तहसील से 5 लोगों के साथ आया महबूब अपनी दुल्हन को विदा कराकर ले गया। कल्याणपुर आवास विकास तीन के रहने वाले दया शंकर शर्मा की पुत्री रजनी की शादी बुलंदशहर खुर्जा तहसील गांव गंगाथला के रहने वाले दिनेश शर्मा से लॉकडाउन घोषित होने से पहले 20 मई को होना तय हुई थी। शादी के दिन लॉकडाउन का समय पड़ गया। ऐसे समय में वर एवं वधू पक्ष के लोगों ने समझदारी का परिचय देते हुए, 20 जनाती और पांच बारातियों की मौजूदगी में विवाह कार्यक्रम को संपन्न कराया।

हाथों में फूल नहीं सेनेटाइजर और चेहरे पर मास्क
यह शादी अनोखी थी। कोरोनावायरस से डर और सरकार द्वारा जारी नियमों को ध्यान में रखते हुए हर कोई चेहरे पर मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के साथ कुछ-कुछ देरी में सैनिटाइजर से हाथ धोता दिखाई पड़ा। कार्यक्रम में मौजूद हर शख्स के चेहरे पर कोरोनावायरस का भय देखा जा रहा था। शादी की सभी रस्में हुई, लेकिन बैंड, बाजा, ढोल नगाड़ा, डीजे कुछ भी नहीं था। हर रस्म को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए चेहरे पर मास्क लगाकर अदा किया जा रहा था। विवाह के वक्त दोनों पक्षों के लोग चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे, एक और मेज पर सैनिटाइजर बोतल रखी हुई थी। हर किसी को कुछ-कुछ देर में सैनिटाइजर से हाथ धुलाया जाता था।

धरे रह गए सारे अरमान
बुलंदशहर से आए दूल्हे दिनेश शर्मा के चेहरे पर भी वायरस का खौफ दिखा। उसने बताया वह अपने गांव से जीजा मनोज, भाई प्रीतम और भांजे मयंक समेत पांच लोगों को लेकर आए हैं। शादी को लेकर अरमान तो बहुत है लेकिन नियमों का पालन करना भी जरूरी है। वही दुल्हन के भतीजे रवि ने बताया बुआ की शादी को लेकर बहुत से सपने थे। लेकिन सरकार के नियमों को मानना हमारी जिम्मेदारी है। हमारी ओर से सूरज शर्मा, मुकेश शर्मा, राजेश शर्मा और मोंटी शादी में शामिल है। दोनों वर और वधू ने मंडप के आगे अग्नि को साक्षी मानकर जीने-मरने की कसमें खाई, मास्क लगाकर सात फेरे लिए और शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। देर रात सोशल डिस्टेंसिंग में डिनर के बाद दुल्हन समेत छह लोगों के साथ बारात विदा होकर बुलंदशहर चली गई।

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आलोक पाण्डेय
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