रानी लक्ष्मीबाई की टूटी प्रतिमा पर अखिलेश यादव का ट्वीट

- एक तरफ देश झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिन पर देश उनके वीरता को नमन कर रहा था। दूसरी तरफ धार्मिक व पौराणिक स्थल पर उनकी टूटी प्रतिमा अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही थी

By: Narendra Awasthi

Published: 20 Nov 2020, 11:35 PM IST

कानपुर. एक तरफ देश झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन मना रहा था। वहीं दूसरी तरफ उनकी कर्मभूमि में उनकी याद में स्थापित की गई प्रतिमा जमीन पर टूटी पड़ी थी। अपने पराक्रम से अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाली झांसी की रानी के जन्मदिन के दिन भी उनकी टूटी प्रतिमा की तरफ किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं दिया। अखिलेश यादव के ट्वीट करने के बाद मामला सामने आया।

19 नवंबर को देश ने याद किया था झांसी की रानी को

झांसी की रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को हुआ था। विगत बृहस्पतिवार को जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "आजादी की पहली लड़ाई में अद्भुत पराक्रम का परिचय देने वाली वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनकी शौर्यगाथा देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।" वहीं कानपुर के बिठूर में स्थापित की गई उनकी प्रतिमा आज जमीन पर टूटी पड़ी है।

अखिलेश यादव का ट्वीट

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने फोटो ट्वीट करते हुए लिखा है कि "बिठूर स्थित रानी लक्ष्मीबाई घाट पर रानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा अनदेखी व दुर्दशावश गिरकर टूट गयी है या असामाजिक तत्वों द्वारा गिराई गयी है, इस प्रकरण की जाँच हो और यथोचित कार्रवाई कर मूर्ति की ससम्मान पुनर्स्थापना की जाए। भाजपा स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना कब सीखेगी?

पौराणिक व धार्मिक दृष्टिकोण से बिठूर का विशेष महत्त्व

गौरतलब है पौराणिक और धार्मिक रूप से बिठूर का विशेष महत्व है। पर्यटन के दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं । इसके अतिरिक्त यहां पर कई आश्रम भी स्थापित है। गंगा के तट पर स्थित बिठूर का धार्मिक महत्व भी है। बिठूर स्थित रानी घाट पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की आकर्षक प्रतिमा लगाई गई थी। लेकिन आज जमीन पर टूटी पड़ी है।

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